बठिंडा: दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या की कोशिश, कार्रवाई के बजाय नाबालिग को ही अपमानित कर रही थी पुलिस
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/rape-(8)-1768660956005.webpपुलिस से आहत दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या की कोशिश। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बठिंडा। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को ही अपमानित किए जाने से आहत एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़िता इस समय एम्स में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। हालांकि उसने बठिंडा पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना नथाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की नाबालिग लड़की के बयानों के आधार पर कुछ समय पहले गांव मेहराज की एक मां-बेटी और गांव लहिरा बेगा के एक मिस्त्री के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता अपने माता-पिता के साथ न्याय पाने के लिए बार-बार थानों के चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने न्याय देने के बजाय लड़की को ही अपमानित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, एक थानेदार ने लड़की और उसके पिता को इस कदर अपमानित किया कि न्याय न मिलता देख नाबालिग लड़की ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया।
इसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स रेफर कर दिया गया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार आज एसएसपी बठिंडा ने एम्स पहुंचकर पीड़िता का हालचाल जाना और उससे पूरी घटना की जानकारी ली।
पीड़िता ने बताया कि वह गांव मेहराज में अपनी सहेली कुशनूर कौर के घर गई थी। इस दौरान कुशनूर कौर और उसकी मां सुखदीप कौर ने उसे लहिरा बेगा निवासी सुखप्रीत सिंह के साथ भेज दिया, जिसने उसके साथ बलात्कार किया।
घटना के बाद पीड़िता के परिजन पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले मामला दर्ज नहीं किया। बाद में मामला तूल पकड़ता देख पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कर लिया, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि अब पीड़िता ने दो पुलिस अधिकारियों पर उसे अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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