भारत के लिए क्यों अहम है ईरान का चाबहार पोर्ट? ट्रंप ने भी दी बिना शर्त छूट; अमेरिका से बातचीत जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/US-(10)-1768664478212.webpभारत के लिए क्यों अहम है ईरान का चाबहार पोर्ट ट्रंप ने भी दी बिना शर्त छूट (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के 25% टैरिफ ऐलान के बाद भारत के लिए चिंता बढ़ गई है। हालांकि, भारत को ईरान के चाबहार पोर्ट पर फिलहाल अमेरिका से राहत मिली हुई है।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत के संचालन वाले ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने 26 अप्रैल तक बिना शर्त प्रतिबंधों से छूट दी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।
ट्रंप के टैरिफ ऐलान से क्यों बढ़ी हलचल?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 12 जनवरी को एलान किया था कि जो देश ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते रखेंगे, उन पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि भारत चाबहार पोर्ट में अपने निवेश और मौजूदगी पर दोबारा विचार कर सकता है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
भारत के लिए चाबहार पोर्ट क्यों है अहम?
चाबहार पोर्ट भारत के लिए एक रणनीतिक और व्यापारिक केंद्र है। भारत ने 2016 से इस पोर्ट में निवेश किया है और अब तक करीब 4700 करोड़ रुपए लगाए हैं। भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड के पास चाबहार के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन है। यह पोर्ट भारत को पाकिस्तान को बाइपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच देता है।
चाबहार पोर्ट के जरिए भारत को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मिलती है। इससे भारत का व्यापार ईरान होते हुए मध्य एशियाई देशों तक पहुंच सकता है। हाल ही में भारत ने उज्बेकिस्तान के साथ चाबहार के जरिए व्यापार को लेकर बातचीत भी की है।
अमेरिका का अब तक क्या रहा है रुख
2018 में ट्रंप सरकार ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन तब भी भारत को चाबहार पोर्ट के विकास से नहीं रोका गया। इसके बाद बाइडेन प्रशासन ने भी इस छूट को जारी रखा। ट्रंप ने 29 सितंबर को छूट हटाने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में इसे अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया।
भारत और अमेरिका के बीच इस समय ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। अगर यह डील होती है, तो अमेरिका चाबहार पोर्ट को लेकर भारत को आगे भी छूट दे सकता है। फिलहाल भारत कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए अपने हितों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।
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