सीएम भगवंत मान ने अमित शाह से मिलकर इस एक्ट 2025 का किया विरोध, किसानों को लेकर जताई चिंता
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें सीमा पर बाड़ लगाने और किसानों के हित खास तौर पर शामिल थे। भगवंत मान ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनी सुरक्षा बाड़ के पार खेती करने वाले किसानों की समस्याओं को लेकर अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कही ये बात
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “मैंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने कई ज़रूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें सीमावर्ती इलाकों में बाड़ के पार खेती और बीज विधेयक जैसे विषय शामिल थे।” उनके मुताबिक, किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुना गया है और इस दिशा में आगे बेहतर समाधान की उम्मीद है। सीमावर्ती किसानों की रोजमर्रा की परेशानियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए पहचान पत्र दिखाकर और BSF की निगरानी में सीमा की बाड़ पार करनी पड़ती है। इससे खेती करना उनके लिए मुश्किल और डर भरा हो जाता है।
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भगवंत मान ने कहा कि बैठक से एक “अच्छी खबर” सामने आई है। उनके मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सैद्धांतिक रूप से सीमा बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के और करीब ले जाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “इससे बाड़ के पार फंसी हजारों एकड़ खेती की ज़मीन पर बिना रुकावट खेती करना संभव हो सकेगा।”
किसानों को लेकर जताई चिंता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगे बताया, “हमने मांग रखी कि बाड़ के पार वाले इलाके को किसानों के लिए बढ़ाया जाए, ताकि वे बिना डर के खेती कर सकें। गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सक्रिय रूप से विचाराधीन है और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्तावित बीज विधेयक 2025 पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह विधेयक पंजाब जैसे बड़े कृषि राज्य की भूमिका को कम करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और देश के सबसे बड़े अनाज उत्पादक राज्यों में शामिल है।
इसके बावजूद, बीज विधेयक के मसौदे में तय अनुसूची के तहत पंजाब के उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि विधेयक में लाई गई ज़ोन-आधारित व्यवस्था से Central Seed Committee में पंजाब का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं होता, जबकि मौजूदा व्यवस्था में यह संभव है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य-स्तरीय संस्थाओं की कम शक्तियों और किसानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। मान के मुताबिक, मसौदे में उन किसानों के लिए मज़बूत मुआवज़ा व्यवस्था का ज़िक्र नहीं है, जिन्हें पंजीकृत बीज उम्मीद के मुताबिक काम न करने पर नुकसान उठाना पड़ता है।
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