एनएच-44 देश का सबसे असुरक्षित हाईवे, 40 किमी में 200 से ज्यादा अवैध कट; पैदल चलने वाले हर पल खतरे में
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/highway-1768681579805.webpघने कोहरे के बीच हाईवे से गुजरते वाहन। जागरण
नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। एनएच-44 पर अवैध कटों से हाईवे को पैदल पार करने के लिए 40 किमी में 200 से अधिक अवैध कट बनाए गए हैं। हाईवे किनारे दोनों ओर स्थित अधिकतर ढाबों के सामने लगी ग्रिल को काटकर या तोड़कर अवैध कट बनाए गए हैं, जिनमें से राहगीर जान हथेली पर रखकर हाईवे को पार करते हैं। वाहनों की टक्कर से रोजाना राहगीरों की मौत हो रही हैं।
ग्रिल की मरम्मत और अवैध कटों को बंद करवाने के लिए लगातार लापरवाही हो रही है। इसमें पुलिस बल नहीं मिलने की बहानेबाजी होती है। ढाबा संचालकों, पेट्रोल पंप संचालकों और शराब ठेकों के मालिकों से जिम्मेदारों की मिलीभगत रहती है, तभी कटों को बंद नहीं करवाया जाता। वहीं दूसरी ओर एनएचएआइ सड़क सुरक्षा माह मना रहा है, लेकिन अधिकारियों का ध्यान इन अवैध कटों व हाईवे की अन्य खामियों की ओर नहीं है। सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष भी बैठकों के दौरान खानापूर्ति कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर लेते हैं।
सड़क हादसों के संबंध में एनएच-44 सबसे असुरक्षित है। पिछले साल जिले में हुई कुल 418 मौतों में से 50 प्रतिशत इसी हाईवे पर हुई हैं। तेज रफ्तार यातायात के बीच हाईवे को पैदल पार करने वाले सबसे अधिक हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही सबसे अधिक सामने आ रही है। कुंडली से हल्दाना बार्डर तक 40 किलोमीटर में करीग हर ढाबे के आगे ग्रिल तोड़कर अवैध रास्ते बनाए गए हैं।
कई जगह तो नाले के स्लैब टूटे हुए हैं। कई जगह हाईवे पर ग्रिल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो रखी है। यहां से लोग हाईवे पार करते हैं। कुंडली, राई, बहालगढ़, दावत राइस मिल के सामने, एल्डिको सोसायटी के सामने, मुरथल में कई जगह ढाबों के सामने, गन्नौर में कई जगह लोग इन अवैध रास्तों का इस्तेमाल कर हाईवे को पार करने में करते हैं और हादसों का शिकार हो रहे हैं।
हाईवे पर सड़क सुरक्षा सिर्फ ढकोसला साबित हो रही है, एनएचएआइ एक ओर तो सड़क सुरक्षा माह मना रही है, लेकिन हाईवे पर सुरक्षा की ओर, टूटी ग्रिल की मरम्मत कराने, अवैध कटों को बंद कराने, एग्जिट-एंट्री को सुधारने, नालों के स्लैब ठीक करने, हाईवे पर खड़े वाहनों को हटाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। सड़क सुरक्षा माह में भी यह खानपूर्ति राहगीरों की जान पर भारी पड़ रही है।
शराब ठेके सामने ग्रिल काटकर लगाया कुंडी युक्त दरवाजा
शराब खरीदने वालोंं के लिए एनएच-44 पर अवैध कट बनाकर विशेष सुविधा प्रदान की गई है। प्याऊ मनियारी के पास शराब ठेके के सामने हाईवे की ग्रिल काटकर यहां पर दरवाजा लगाया गया है। इस अवैध कट पर दरवाजा लगाते हुए ग्रिल में कुंडी लगाई गई है, ताकि शराब खरीदने के लिए शराबियों को चक्कर न काटना पड़े। यहां पर शराबी जान हथेली पर रखकर हाईवे पारकर कुंडी खोलकर ठेके से शराब खरीदते हैं और बाद में ग्रिल में कुंडी लगा दी जाती है, ताकि यह अवैध कट दिखाई न दे सके। एनएचएआइ के अधिकारियों को यह अवैध कट दिखाई नहीं दे रहे हैं।
ढाबा जोन में अधिक हादसे
मुरथल के ढाबा जोन में एनएच-44 पर अधिक हादसे होते हैं। यहां पर ढाबों पर काम करने वाले व अन्य लोग शार्टकट के चक्कर में तेज रफ्तार वाहनों के बीच जान हथेली पर रखकर हाईवे को पार करते हैं। वाहनों की गति का अंदाजा गलत होते ही ये राहगीर गाड़ियों से कुचले जाते हैं, लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। हाईवे की तोड़ी गई ग्रिल को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने काफी दिन से ठीक नहीं कराया है।
भिगान टाेल पर दिन-रात भारी वाहनों का जमावड़ा
मुरथल से आगे चलने पर भिगान टोल के पास हाईवे पर दिन-रात ट्रक व ट्रालों का कब्जा रहता है। यहां पर कई लेन को घेरकर भारी वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। वाहनों के आवागमन के लिए मात्र एक या दो लेन ही बचती है। कोहरे में दृश्यता कम होने के कारण यहां पर हर समय हादसों का खतरा रहता है, लेकिन बड़ी थाना पुलिस या एनएचएआइ के अधिकारियों ने कभी भी ऐसे वाहनों को हटवाने की जहमत नहीं उठाई।
नालों के टूटे स्लैब व सीमेंटिड बैरिकेड्स जानलेवा
कुंडली से लेकर हल्दाना बार्डर तक के 40 किमी के हिस्से में दोनों ओर बने नाले बदहाली का शिकार हैं, इसलिए जरा सी वर्षा होते ही हाईवे के नाले ओवरफ्लो होकर पानी दो लेन में जमा हो जाता है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं एंट्री व एग्जिट पर रखे सीमेंटिड बैरिकेड्स से टकराकर वाहन चालकों की मौत हो रही है। जिला उपायुक्त ने एनएचएआइ को सभी जगह सीमेंटिड हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन कई जगह अब भी सीमेंटिड बैरिकेड्स रखे हैं।
एक साल में कागजों से नहीं निकल पाए एफओबी
एनएच-44 पर दिसंबर, 2024 में पांच ब्लैक स्पाट सामने आए थे। एनएचएआइ की योजना के अनुसर इन सभी ब्लैक स्पाट पर एफओबी बनाए जाने हैं। एक साल से इन ब्लैक स्पाट पर हादसे हो रहे हैं लकिन एक साल से एफओबी का निर्माण तक नहीं शुरू हो पाया है। इन्हें बनाने की प्रक्रिया अभी कागजों में चल रही है।
“टीम के साथ हाईवे का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी खामियों को चिह्नित कर उन्हें दूर किया जााएगा। हाईवे के दोनों ओर लगी तोड़ी गई ग्रिल की जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। ग्रिल तोड़ने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं हाईवे को पैदल पार करने वालों से अपील है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच से हाईवे को पान न करें, यह जानलेवा हो सकता है। शार्टकट के चक्कर में जान दांव पर लगाएं, अंडरपास से ही हाईवे पार करें।“
-जगभूषण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
पिछले साल महीने वार हादसों में हुई मौतें
माह
मौतों की संख्या
जनवरी
32
फरवरी
27
मार्च
37
अप्रैल
37
मई
34
जून
39
जुलाई
41
अगस्त
29
सितंबर
29
अक्टूबर
40
नवंबर
40
दिसंबर
33
कुल
418
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