Jharkhand: गौ तस्करों के साम्राज्य पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, ₹1.4 करोड़ कैश और किलो भर सोना जब्त
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/IMG_20260118_012258-1768680060233.webpरांची के अनगड़ा में ग्रामीणों ने खदेड़ा तो गोवंश छोड़कर भागे तस्कर।
जागरण टीम, बड़बिल/रांची। झारखंड और ओडिशा सीमा पर गो तस्करों पर कड़ी कार्रवाई तेज हुई है। शनिवार को ओडिशा पुलिस की ओर से कई जिलों में एक साथ एक्शन लिया गया।
क्योंझर (ओडिशा) पुलिस ने शनिवार को भद्रक के पुराना बाजार थाना अंतर्गत मुल्लासाही में एक संदिग्ध पशु माफिया के घर पर धावा बोला गया। आरोपित की पहचान भद्रक के मुल्लासाही निवासी शेख ताजुद्दीन के रूप में हुई।
आरोपित के घर में मिले 500 रुपये के नोटों के बंडल में 60 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसे काउंट करने के लिए पुलिस को नकदी गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं। यह कार्रवाई गौ तस्करी रैकेट के मुख्य सरगना को पकड़ने और रैकेट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई।
आरोपित के खिलाफ पहले दर्ज शिकायतों के आधार पर छापा मारा गया। पुलिस के अनुसार भद्रक बाईपास रोड पर आरोपी का मार्केट काम्प्लेक्स और रेजिडेंशियल कॉलेज भी है।
क्योंझर एसपी नितिन कुशलकर के नेतृत्व में यह अभियान पांच जिलों भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और खोरधा में नौ स्थानों पर चलाया गया।
क्योंझर जिला के शंकरपुर निवासी टीपू सुल्तान के आवास से 30 लाख रुपये और सोने चांदी के आभूषण, मयूरभंज जिला के बीसोई निवासी मृत्युंजय महापात्र के घर से 30 लाख रुपये, झारपोखरिया निवासी सुजीत मोहंती के घर से 32 लाख रुपये व आभूषण बरामद किए गए हैं।
इस आपरेशन में एक डीएसपी, दो इंस्पेक्टर, छह सब-इंस्पेक्टर और फोर्स की दो प्लाटून शामिल थीं। अभियान में कुल नौ लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनके पास से 1.40 करोड़ नकद, लगभग एक किलो सोना, तीन किलो चांदी के आभूषण, 11 चारपहिया और 13 दोपहिया वाहन, भूमि, रियल इस्टेट दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस ने बताया कि यह रैकेट पिछले वर्ष क्योंझर में पुलिस पर हमला करने में भी शामिल था। गौ तस्करी मामलों में अब तक 20 से अधिक एफआइआर दर्ज की जा चुकी हैं और रैकेट के माध्यम से सौ करोड़ से अधिक की अवैध उगाही की गई।
एसपी कुशलकर ने कहा कि इस कार्रवाई से रैकेट के बड़े सरगना पर शिकंजा कसते हुए क्षेत्र में गौ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत संदेश मिलेगा। पुलिस का कहना है कि एनालिसिस जारी है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में एक सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा होगा।
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ग्रामीणों ने खदेड़ा, अनगड़ा में तस्कर 35 बैल छोड़कर भागे
रांची (अनगड़ा): के सिकिदिरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नवागढ़ में शनिवार देर रात ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए पशु तस्करी की बड़ी खेप पकड़ी। करीब आधा दर्जन तस्कर 35 बैलों को अवैध रूप से स्वर्णरेखा नदी पार कराने की कोशिश कर रहे थे, तभी अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में सजग ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया।
तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर सिकिदिरी थाना प्रभारी सचिन मिश्रा मौके पर पहुंचे। उनकी उपस्थिति में सभी बैलों को गेतलसूद, सोसो, हरातू और नवागढ़ के 17 जरूरतमंद किसानों के बीच बांटकर जिम्मानामा सौंप दिया गया।
जांच में सामने आया है कि इस क्षेत्र में इरबा और कुटे मंडियों के लिए तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है, जहां दलालों के जरिए पशुओं को स्वर्णरेखा नदी पार कराया जाता है। ग्रामीणों ने अब गांव-गांव बैठक कर किसानों को जागरूक करने का निर्णय लिया है, वहीं पुलिस ने अज्ञात तस्करों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
गढ़वा में पिकअप पर लदे सात गोवंश बरामद
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रंका (गढ़वा): रंका थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से सात गोवंशों को मुक्त कराया है। हाल ही में थाना प्रभारी रविकुमार केशरी को गुप्त सूचना मिली थी कि मानपुर गांव की ओर से गोवंशों को क्रूरतापूर्वक लादकर गढ़वा ले जाया जा रहा है। रंका-रमकंडा सड़क पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस की मुस्तैदी देख पिकअप का चालक वाहन को चेकिंग पॉइंट से करीब सौ मीटर पहले ही छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर सात गोवंश पाए गए, जिन्हें तस्करी के उद्देश्य से हाथ-पैर और सिर बांधकर बेहद अमानवीय तरीके से रखा गया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस तस्करी का मुख्य सरगना मानपुर निवासी कुनैन अंसारी है, जिसके विरुद्ध पहले से ही रंका थाने में तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
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