ISI की नई चाल, नेपाल सीमा पर चैरिटी का जाल; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/isi-1768700750292.webpखुफिया रिपोर्ट के बाद सीमावर्ती जिलों में चौकसी और निगरानी बढ़ी। सांकेतिक तस्वीर
सतीश पांडेय, गोरखपुर। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) ने भारत में जासूसी नेटवर्क विस्तार के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अब वह चैरिटी और सामाजिक गतिविधियों की आड़ में अपना जाल बिछा रही है।
उत्तर प्रदेश अभिसूचना इकाई की नेपाल बार्डर (एनबी) शाखा के ताजा इनपुट में यह बात सामने आयी है कि मेडिकल कैंप, रिसर्च प्रोजेक्ट और सेमिनार के बहाने नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
अभिसूचना रिपोर्ट के अनुसार, इस साजिश का मकसद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, लखनऊ व उत्तराखंड के पिथौरागढ़ पर दोतरफा निगरानी रखना है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नेपाल की खुली सीमा और वहां अपेक्षाकृत ढीली निगरानी का फायदा उठाकर आइएसआइ अपने एजेंटों और सहयोगियों को भारत तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
नवंबर 2025 में खुफिया एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी थी। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि आइएसआइ चैरिटी की आड़ में भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। 15 नवंबर 2025 को बहराइच से पकड़े गए दो ब्रिटिश नागरिकों का मामला भी इसी कड़ी से जुड़ा माना जा रहा है।
जांच में सामने आया कि दोनों नेपाल में चैरिटी गतिविधियों के बहाने पहुंचे थे। इनमें पाकिस्तानी मूल के हस्सन अमान सलीम का नाम सामने आया, जिसकी पत्नी बांग्लादेशी है और पहले नेपाल जा चुकी है। एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था। इससे पहले भी आइएसआइ से जुड़े चेहरे नेपाल में सक्रिय रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना का पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब भारत से सटे लुंबिनी क्षेत्र में चैरिटी और सामाजिक कार्यों के नाम पर सक्रिय पाया गया था। इन इनपुट के बाद अभिसूचना इकाई की नेपाल बार्डर शाखा ने विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। इसके बाद सीमावर्ती जिलों में चौकसी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध एनजीओ, चैरिटी संस्थानों और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर खास नजर रखी जा रही है।
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नेपाल सीमा पर सघन चेकिंग, सात वाहन सीज
नेपाल सीमा से जुड़े गोरखपुर जाेन के पांच जिलों में 15 जनवरी, 2026 को विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन के निर्देश पर हुई चेकिंग में कुल 2079 वाहनों की जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 464 वाहनों का चालान किया गया, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर सात वाहनों को सीज किया गया।
इस कार्रवाई में कुल 36,85,050 रुपये का सम्मन शुल्क जमा कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों, तस्करी, संदिग्ध आवागमन और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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