LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

गाजियाबाद के इस इलाके में 10 साल पहले डली पानी की पाइपलाइन, जलापूर्ति एक बूंद नहीं

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/GHaziabad-News-Update-(86)-1768702726585.webp



हरिशंकर शर्मा, लोनी। लोनी की राहुल गार्डन अमर विहार कॉलोनी में नगर पालिका ने 10 वर्ष पहले पानी की पाइपलाइन डाली थी, पर अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। शहर की ये कॉलोनियां पिछले 25 वर्षों से विकसित तो हो रही हैं, लेकिन उनमें सबसे महत्वपूर्ण जरूरत पीने के पानी के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं हुए हैं।

राजधानी दिल्ली से सटी हुई इन कॉलोनियों में विकास के नाम पर लाखों रुपये का राजस्व तो वसूल किया गया, लेकिन इनमें पानी की सुविधा के लिए अब तक कोई योजना लागू नहीं हुई, जिस कारण इन कॉलोनियों के करीब 30 हजार की आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है।

यह लोग बोतलबंद पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं या खुद के बोरवेल और सरकारी हैंडपंप से पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं। लोगों को दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। इससे रोजना 100 से 150 रुपये पानी पर खर्च करने पड़ते हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी कालोनी में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है।




पानी की समस्या सबसे बड़ी है। कॉलोनी में अभी तक जलापूर्ति नहीं ,जरुरी कार्यों के लिए भी पानी मांगकर गुजारा करना पड़ता है।






-

डॉ. सी पी शर्मा, स्थानीय निवासी


सीवर व पानी के नगर पालिका द्वारा नाम पर टैक्स लिया जाता है। इसके बाद भी यहां पानी की सबसे बड़ी समस्या है। पालिका के अधिकारी जल्द समस्या का समाधान कराएं।



-

- अखिलेश यादव, स्थानीय निवासी


नगर पालिका द्वारा पानी का टैंकर नहीं भेजा जाता है। इससे लोग दिनभर पानी के लिए भटकते रहते हैं। कई बार खारा पानी ही पीना पड़ता है। शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-

- केशव, स्थानीय निवासी


पानी की समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायत कर चुके है। हर बार जिम्मेदार अधिकारी आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। इसके बाद अधिकारी सुध नहीं लेते।






-

- आदेश शर्मा, स्थानीय निवासी


सुबह घर से काम पर चले जाते हैं। घर की महिलाओं को दिनभर पानी के लिए भटकना पड़ता है। अगर जलापूर्ति शुरू हो जाएगी तो सबसे बड़ी राहत मिलेगी।
-

- सुखबीर, स्थानीय निवासी


कॉलोनी में कुछ हैंडपंप लगे हुए है। ये भी ज्यादातर खराब पड़े हुए है। इक्का-दुक्का ही चालू स्थिति में है। इनकी मरम्मत अगर हो जाए, तो लोगो को थोड़ी राहत मिल सकती है।






-

- सालेकचंद, स्थानीय निवासी


जलापूर्ति के लिए ट्यूबवेल की एक स्थान पर बोरिंग हो गई है। बिजली के लिए टेंडर छोड़ा गया है। जल्द ही जलापूर्ति कर समस्या का समाधान किया जाएगा। खराब हैंडपंपों को भी ठीक कराया जाएगा।



-

नवनीत कुमार, अवर अभियंता जलकल नगर पालिका परिषद, लोनी


पानी की सप्लाई न होने सकी वजह से लोगों की दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीने के लिए 20-20 रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है। बिना पानी के रोजमर्रा के कार्य नहीं कर पाते है।






-

- शशिकांत चौधरी, स्थानीय निवासी


दो वर्ष पूर्व कॉलोनी में जलापूर्ति के लिए ट्यूबवेल की बोरिंग के लिए 24 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया था। स्थान चिह्नित कर ट्यूबवेल की बोरिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया। शिकायत के बाद भी कोई सुध नहीं ले रहा।



-

मांगेराम मावी, सभासद वार्ड 25


कॉलोनी में लगे कई हैंडपंप खराब पड़े हुए है। पानी न आने की वजह से दूर के हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। घर की ऊपरी मंजिल तक पानी ले जाना मुश्किल हो जाता है।






-

- हाकिम सिंह, स्थानीय निवासी
Pages: [1]
View full version: गाजियाबाद के इस इलाके में 10 साल पहले डली पानी की पाइपलाइन, जलापूर्ति एक बूंद नहीं

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com