गोरखपुर में बिजली पोल शिफ्टिंग घोटाला, जेई-लाइनमैन निलंबित, संविदाकर्मी बर्खास्त
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/suspend-1768704685854.webpतीन निविदाकर्मियों पर भी गिरी गाज, बर्खास्त किए गए। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चौरी चौरा खंड के सरदारनगर उपकेंद्र अंतर्गत जंगल रामलखना में बिजली निगम के पांच पोल शिफ्ट करने के मामले में जेई सुरेश चंद्र पाल और लाइनमैन राजदेव यादव को निलंबित कर दिया गया है।
तीन निविदाकर्मियों को बर्खास्त किया गया है। जेई सुरेश चंद्र पाल बैंक ऑफ़ बड़ौदा की खोराबार शाखा को कनेक्शन देने में देर करने के मामले में भी आरोपित हैं। इस मामले में भी इन पर कार्रवाई तय है।
मई 2025 में चौरी चौरा खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार को जानकारी मिली कि जंगल रामलखना के पकवा टोला में कुछ पोल बिना राजस्व जमा कराए शिफ्ट किए गए हैं। सूचना पर अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे तो 11 हजार वोल्ट की पांच पोल की लाइन शिफ्ट करने की जानकारी मिली।
22 मई 2025 को जेई ने एंटी थेफ्ट थाने में तहरीर दी। गांव के कृष्ण चंद्र वर्मा, हरी लाल व रामचंद्र पुत्रगण बनवारी और उनके चचेरे भाई राणा प्रताप पुत्र रामनिवास को पोल शिफ्ट करने के मामले में आरोपित बनाया।
जेई ने लिखा कि अपने खेत के ऊपर से गई बिजली की लाइन को बिना अनुमति एवं बिना प्राक्कलन के ही इन चारों लोगों ने अवैध रूप से शिफ्ट कर दिया है। पोल शिफ्टिंग के मामले में बिजलीकर्मियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई थी।
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बताया गया था कि पोल अप्रैल 2025 में ही शिफ्ट कर दिए गए थे। इसके लिए चार लाख रुपये लिए गए थे। इसकी जानकारी तत्कालीन एसडीओ अच्छे लाल और जेई के साथ ही सभी कर्मचारियों को थी लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की।
तीन पोल गायब भी थे
मौके पर अभियंता पहुंचे तो पता चला कि बिजली के तीन पोल गायब भी हैं। आरोपियों ने आठ पोल में से तीन पोल गायब कर दिए थे। शुरुआत में मामले को मैनेज करने की भी बड़ी कोशिश की गई। आरोपितों ने रुपये जमा करने की भी योजना बनाई लेकिन मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव की सख्ती के बाद जांच शुरू की गई।
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