cy520520 Publish time 2 hour(s) ago

दिल्ली में साइबर पुलिस ने किया अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/Delhi-Police-(4)-1768709178540.webp

दिल्ली साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम जिले की साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 8 आरोपियों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में वनपटला सुनील (43 वर्ष), साकिनाला शंकर (61 वर्ष), मनोज यादव (38 वर्ष), संदीप सिंह उर्फ लंकेश (30 वर्ष), आदित्य प्रताप सिंह (23 वर्ष), राहुल (30 वर्ष), शेरू (38 वर्ष) और सोमपाल (34 वर्ष) शामिल हैं। यह सिंडिकेट धोखे से प्राप्त धन को कंबोडिया स्थित हैंडलर्स तक भारतीय म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से कमीशन पर पहुंचा रहा था।

घटना 7 नवंबर 2025 को वसंत कुंज, नई दिल्ली की रहने वाली 42 वर्षीय महिला एमएस ए के शिकायत पर दर्ज ई-एफआईआर नंबर 60/25 के तहत शुरू हुई। महिला को व्हाट्सएप पर स्टॉक ट्रेडिंग में विशेषज्ञ मार्गदर्शन का लालच देकर निवेश के बहाने 15.58 लाख रुपये ठगे गए। फर्जी वादों और गारंटीड रिटर्न के झांसे में वह धोखाधड़ी के शिकार हो गईं।

जांच टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक (एसएचओ/साइबर पीएस) ने किया, जिसमें एसआई चेतन राना, एचसी मनेन्द्र और एचसी विजयपाल शामिल थे। यह टीम एसीपी विजय पाल सिंह तोमर के पर्यवेक्षण में काम कर रही थी। बहुआयामी रणनीति अपनाते हुए टीम ने सर्विलांस, मनी ट्रेल एनालिसिस और डिजिटल फोरेंसिक का सहारा लिया।

तकनीकी जांच से तेलंगाना के वनपटला सुनील की पहचान हुई, जो म्यूल बैंक अकाउंट्स सप्लाई करता था। तेलंगाना में छापेमारी के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कीसारा (तेलंगाना) में फर्जी फर्म खोलकर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाने की बात कबूली।

उसके सहयोगी शंकर को हैदराबाद से, मनोज यादव को संत कबीर नगर (यूपी) से, संदीप सिंह को बनारस से, आदित्य प्रताप सिंह को कोटा (राजस्थान) से, सोमपाल को बरेली से और शेरू व राहुल को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि व्हाट्सएप नंबर कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे थे, जबकि भारतीय आरोपी म्यूल अकाउंट्स उपलब्ध कराकर धन रूटिंग कर रहे थे। एक्सिस बैंक और एसबीआई अकाउंट्स में धन डायवर्ट किया गया।

[*]मोडस ऑपरेंडी: फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म्स पर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क, हाई रिटर्न का लालच देकर फर्जी वेबसाइट्स पर ट्रांसफर करवाना। म्यूल अकाउंट्स में पैसा पार्क कर कई भारतीय अकाउंट्स से लेयरिंग के बाद विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचाना। प्रत्येक स्तर पर कमीशन आधारित संरचना।
[*]रिकवरी: 10 हाई-टेक मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद, जो म्यूल अकाउंट्स ऑपरेट करने, फंड ट्रांसफर और कम्युनिकेशन में इस्तेमाल हो रहे थे।


केस में 63 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी हुई हैं। आरोपी सोमपाल एमबीए ग्रेजुएट है और सॉफ्टवेयर कंपनी चला रहा था, जो बंद होने के बाद अपने कॉर्पोरेट अकाउंट को साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल कर रहा था, जिससे 51 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ीं।डीसीपी (साउथ वेस्ट) अमित गोयल ने बताया कि जांच जारी है और आगे के खुलासे की संभावना है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध निवेश ऑफर पर न पड़ने की अपील की है।

यह भी पढ़ें: PHOTOS: गणतंत्र दिवस परेड में लद्दाख के ऊंट के साथ बाज भी आएंगे नजर, दिखेगा सेना का पराक्रम और शौर्य
Pages: [1]
View full version: दिल्ली में साइबर पुलिस ने किया अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com