जम्मू में खस्ताहाल स्वास्थय सुविधाएं, एकमात्र सरकारी MRI मशीन खराब; तीन अस्पतालों में सीटी मशीनें भी ठप
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/MRI-Machine-1768718121322.webpएक मात्र एमआरआइ भी मशीन खराब, मरीजों की दिक्कतें देख निजी अस्पतालों से अनुबंध (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जम्मू। पहले से जम्मू के तीन प्रमुख अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें खराब पड़ी हैं और अब जम्मू संभाग की एक मात्र सरकारी एमआरआइ मशीन भी चलने से कई दिन पहले जवाब दे चुकी है। इस मशीन की मरम्मत में अभी एक माह से अधिक का समय लग सकता है। बड़ी संख्या में मरीजों की दिक्कतों को देख जीएमसी प्रशासन ने चार निजी अस्पतालों व नैदानिक केंद्रों से जांच के लिए अनुबंध किया है। यहां भी उन्हें निजी नहीं सरकारी शुल्क देना होगा।
जम्मू संभाग के पांच मेडिकल कालेजों में से सिर्फ जीएमसी जम्मू में ही एमआरआइ मशीन है। मेडिकल कालेज कठुआ के लिए बीते वर्ष एमआरआइ मशीन खरीदने को मंजूरी मिली थी, लेकिन अभी तक खरीदारी नहीं हो पाई है। इस कारण जम्मू के सभी मरीजों को जीएमसी जम्मू में ही भेजा जाता है। यहां पर दो मशीनें थी। एक मशीन 20 वर्ष पुरानी थी और वह पहले से खराब है।
दूसरी मशीन दो वर्ष पहले स्थापित की थी। अब इसके कुछ उपकरण खराब हो गए हैं। अब जम्मू संभाग के किसी सरकारी अस्पताल में एमआरआइ स्कैन नहीं हो रहा है। जीएमसी प्रशासन को भी अब एमआरआइ के लिए निजी अस्पतालों वप नैदानिक केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार अब जीएमसी से स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन, जम्मू डायग्नोस्टिक केंद्र, आचार्य श्री चंद्र कालेज आफ मेडिकल सांइसेस और एक अन्य निजी केंद्र में भेजा जा रहा है।
मरीजों को टेस्ट के लिए सरकारी शुल्क देना है, लेकिन मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ता है। चार में से एक सेंटर बख्शीनगर में, एक अंबफला, एक ज्यूल और एक सिदड़ा क्षेत्र में है। शनिवार को छुट्टी होने के कारण मरीज कम थे। तीमारदारों का कहना था कि मरीज को एक से दूसरी जगह ले जाने में परेशानी होती है।
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि मशीन की मरम्मत करवाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्दी ही यह ठीक होगी। मरीजों को अधिक शुल्क न देना पड़े, इसके लिए ही अन्य अस्पतालों से संपर्क किया है। मरीज को जीएमसी जम्मू से ही डाक्टर फार्म भर कर दे रहे हैं और सरकारी दर पर ही जांच हो रही है।
जब एक्स-रे या सीटी स्कैन से भी बीमारी का पता न चले तो डाक्टर एमआरआइ की सलाह देते हैं। विशेषतौर पर सिर, पीठ या अन्य जगहों पर लगातार हो रही दर्द हो। किसी मरीज में न्यूरोलाजिकल लक्षण हों। टयूमर हो या फिर स्लिप डिस्क की समस्या हो तो एमआरआइ करवाया जाता है।
जीएमसी जम्मू के तीन सहायक अस्पतालों सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, सीडी अस्पताल और श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल में पहले से ही सीटी स्कैन की मशीनें खराब पड़ी हैं और इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन के लिए जीएमसी जम्मू तथा बोन और ज्वाइंट अस्पताल में भेजा जा रहा है। यह मशीनें एक से डेढ़ साल तक के समय से खराब पड़ी हैं।
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