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हरियाणा में 923 पहुंचा लिंगानुपात, पंचकूला में सबसे ज्यादा सुधार लेकिन ये जिला सबसे फिसड्डी

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पंचकूला का लिंगानुपात सर्वाधिक 971 तो रेवाड़ी का सबसे कम 882 (



हनी सोनी, चरखी दादरी। वर्ष 2025 में 31 दिसंबर तक प्रदेश में 5,18,691 बच्चों ने लिया। पिछले साल एक जनवरी से 31 दिसंबर तक प्रदेश में 2,70,281 लड़कों व 2,49,410 लड़कियों ने जन्म लिया। प्रदेश का ओवरआल लिंगानुपात 923 रहा जबकि 10 जिले ऐसे हैं जिनका लिंगानुपात इससे नीचे है। प्रदेश की सूची में पंचकूला 971 लिंगानुपात के साथ टाप पर काबिज है जबकि 882 लिंगानुपात के साथ रेवाड़ी फिसड्डी है।

चरखी दादरी जिले की बात करें तो 913 लिंगानुपात के साथ 16वें स्थान पर है और नवंबर 2025 की अपेक्षा दिसंबर 2025 में दादरी जिले ने रैंकिंग में 6 पायदान का सुधार किया है। प्रदेश स्तरीय सूची में फतेहाबाद 961 लिंगानुपात के साथ दूसरे व पानीपत 951 के साथ तीसरे पायदान पर है। वहीं 882 लिंगानुपात के साथ रेवाड़ी सबसे फिसड्डी है। अंबाला, हिसार व भिवानी का लिंगानुपात 926 है और तीनों जिले संयुक्त रूप से 9वें स्थान पर काबिज हैं।

वर्ष 2025 की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक 59559 बच्चों ने नूंह में जन्म लिया।चरखी दादरी में सबसे कम 5225 बच्चों का जन्म हुआ। पंचकूला में 12118, फतेहाबाद में 15544, पानीपत में 29922, करनाल में 24084, यमुनानगर में 20149, सिरसा में 18917, कुरुक्षेत्र में 15149, अंबाला में 18350, हिसार में 33073, भिवानी में 17380, कैथल में 15202, जींद में 18763, फरीदाबाद में 49256, झज्जर में 11098, पलवल में 29011, महेंद्रगढ़ में 11544, गुरुग्राम में 47262, रोहतक में 25414, सोनीपत में 24910 व रेवाड़ी में 17761 बच्चों का जन्म हुआ।

किस जिले में जन्मे कितनी बेटा-बेटी व कितना है लिंगानुपात



   जिला
   बेटों की संख्या
   बेटियों की संख्या
   लिंगानुपात


   पंचकूला
   6148
   5970
   971


   फतेहाबाद
   7927
   7617
   961


   पानीपत
   15337
   14585
   951


   करनाल
   12387
   11697
   944


   यमुनानगर
   10368
   9781
   943


   सिरसा
   9764
   9153
   937


   नूंह
   30778
   28781
   935


   कुरुक्षेत्र
   7862
   7287
   927


   अंबाला
   9526
   8824
   926


   हिसार
   17171
   15902
   926


   भिवानी
   9026
   8354
   926


   कैथल
   7900
   7302
   924


   जींद
   9781
   8982
   918


   फरीदाबाद
   25709
   23547
   916


   झज्जर
   5795
   5303
   915


   चरखी दादरी
   2731
   2494
   913


   पलवल
   15171
   13840
   912


   महेंद्रगढ़
   6059
   5485
   905


   गुरुग्राम
   24865
   22397
   901


   रोहतक
   13390
   12024
   898


   सोनीपत
   13150
   11760
   894


   रेवाड़ी
   9436
   8325
   882




नवंबर 2025 की बात करें तो लिंगानुपात में चरखी दादरी प्रदेश में सबसे पीछे था। इसके बाद जनवरी 2026 में जारी हुई दिसंबर 2025 की रैंकिंग में जिला 16वें पायदान पर पहुंच गया। लिंगानुपात में सुधार के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्लम बस्तियों में जाकर ऐसी 20 बच्चियों की पहचान की जिनके जन्म का कहीं कोई रिकार्ड ही दर्ज नहीं है जबकि इनका जन्म दादरी जिले में हुआ है।

इसके अलावा 454 आशा वर्कर्स को उनके अधिकार क्षेत्र की प्रत्येक गर्भवती से संपर्क करने के निर्देश दिए गए जबकि पीएचसी, सीएचसी व सिविल अस्पताल स्तर पर गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए गए। इस समय अवधि में दादरी स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने दिल्ली में भ्रूण लिंग जांच कराने वाले गिरोह का भी राजफाश किया।

चरखी दादरी के स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन सिविल सर्जन ने कहा कि लिंगानुपात में चरखी दादरी प्रदेश में 16वें स्थान पर है और एक माह के अंदर रैंकिंग 6 पायदान सुधरी है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इसके लिए विभिन्न प्रयास किए गए, जो आगे भी जारी रहेंगे। लिंगानुपात में पंचकूला सबसे आगे व रेवाड़ी सबसे पीछे चल रहा है।
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