ईपीएफओ की बड़ी कार्रवाई: आदित्यपुर नगर निगम के बैंक खाते कुर्क, बकाया भविष्य निधि जब्त
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/Adityapur-Nagar-Nigam-1768731396342.webpआदित्यपुर नगर निगम। (जागरण)
जागरण संवाददाता, आदित्यपुर। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य निधि (ईपीएफ) बकाये को लेकर केन्द्रीय भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), जमशेदपुर ने आदित्यपुर नगर निगम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
ईपीएफओ ने नगर निगम के बैंक खातों को कुर्क करते हुए 18 लाख 44 हजार 530 रुपये की बकाया राशि जब्त कर ली है। यह पूरी राशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जमशेदपुर के पक्ष में जमा कराई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदित्यपुर नगर निगम में संविदा पर कार्यरत 18 कर्मचारियों के ईपीएफ की राशि लंबे समय से संबंधित खातों में जमा नहीं की जा रही थी। बार-बार मांग के बावजूद जब नगर निगम प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, तो कर्मचारियों ने ईपीएफओ जमशेदपुर कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद ईपीएफओ द्वारा मामले की जांच की गई, जिसमें नगर निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच के आधार पर ईपीएफओ ने सर्टिफिकेट केस संख्या 175 (दिनांक 16 अप्रैल 2025) दर्ज किया। इसके बाद नगर निगम के खिलाफ निषेधात्मक आदेश जारी करते हुए उसके बैंक खातों को कुर्क कर दिया गया।
कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 14बी के तहत बकाया राशि की वसूली का आदेश पारित किया गया। जमशेदपुर के रिकवरी पदाधिकारी ने संबंधित बैंक को निर्देश दिया कि नगर निगम के सभी खातों से किसी भी प्रकार की निकासी पर रोक लगाई जाए और बकाया राशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से ईपीएफओ को भेजी जाए।
आदेश के अनुपालन में बैंक द्वारा निर्धारित राशि ईपीएफओ को सौंप दी गई। इस कार्रवाई के बाद आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम अब इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है और आगे की रणनीति तय करने की तैयारी में है।
वहीं, ईपीएफओ की इस सख्त कार्रवाई को कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह कार्रवाई अन्य सरकारी व निजी संस्थानों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी है कि कर्मचारियों की भविष्य निधि से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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