cy520520 Publish time 2 hour(s) ago

सीमांचल में 1585 CSC की आईडी रद, अनियमितताओं पर दिल्ली मुख्यालय का सख्त एक्शन

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/CSC-NEWS-1768739679747.webp

जन सेवा केंद्र। (जागरण)



राजीव कुमार, पूर्णिया। सीमांचल के जिलों में 1585 सीएससी (CSC) झोला में चल रहे थे। जांच में खुलासा होने के बाद नियमों के उल्लंघन पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आईडी लॉक कर दी गयी है। यह कार्रवाई सीएससी दिल्ली मुख्यालय के निर्देश पर की गयी है।

सीमांचल के जिलों के 1585 सीएससी केंद्रों की आईडी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। सूबे में अब तक 7 हजार सीएससी की आईडी रद की जा चुकी हैं। रद आईडी की पच्चीस फीसद सीमांचल के कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज एवं अररिया जिले की शामिल है।

सीमांचल में सबसे अधिक 556 आईडी, पूर्णिया की 456, कटिहार जिले की 354 आईडी एवं किशनगंज की 221 आईडी रद की गयी है। सूबे में कुल 1 लाख 16 हजार सीएससी केंद्र पंजीकृत हैं, जिनमें से पूर्णिया जिले में 2163 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं।

जबकि अररिया जिले में संचालित सीएससी की संख्या 1900, कटिहार जिले में 2800 एवं किशनगंज जिले में 1600 सीएससी संचालित हैं। सीएससी पूर्णिया के जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि कई केंद्र बिना स्थायी पते तथा अन्य अनिवार्य मानकों के बिना संचालित हो रहे थे।

ऐसे केंद्रों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में केवल वही सीएससी केंद्र संचालित हो सकेंगे जो निर्धारित मानकों को पूरी तरह पूरा करेंगे। आवश्यक मानकों में स्थायी केंद्र, उचित सीएससी ब्रांडिंग, चरित्र प्रमाण पत्र तथा रेट चार्ट का प्रदर्शन अनिवार्य है।

इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं में केवाईसी साल में एक बार तथा आचरण प्रमाण पत्र हर छह माह में देना होगा। जिस स्थान के लिए आवेदन किया गया है, उसी स्थान पर केंद्र का संचालन होना आवश्यक है। साथ ही आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही सीएससी का संचालन किया जाना अनिवार्य है।

जिन सीएससी आईडी को बंद किया गया है, उनमें से अधिकांश 2023 से 2025 के बीच बने थे। इसमें अधिकांश सीएससी की अनुमति ऑनलाइन दी गयी थी। जांच में खुलासा हुआ कि जिस पते पर इसकी अनुमति दी गयी थी उसका संचालन वहां नहीं होकर झोला के माध्यम से किया जा रहा था।

सीएससी स्थापना के पीछे सरकार की मुख्य मंशा आम जनता को बिचौलियों से मुक्त कर सीधी और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि डिजिटल सेवाओं में किसी प्रकार की अनियमितता न हो और आम लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।
अररिया के जोकीहाट में सबसे अधिक 114 सीएससी की आईडी हुई लॉक

सीमांचल के जिलों में जो सीएससी की आईडी लॉक की गयी है उसमें सबसे अधिक अररिया जिले के जोकीहाट में की गयी है। अररिया जिले में रद की गयी आईडी 556 में से 144 जोकीहाट प्रखंड की है।

दूसरे स्थान पर इस जिले का पलासी प्रखंड है जहां 86 सीएससी केन्द्र की आईडी लॉक की गयी है। इसी तरह पूर्णिया जिले में रद्द 456 आईडी में सबसे अधिक बनमनखी प्रखंड की 80 सीएससी केन्द्र की आईडी लॉक की गयी है। दूसरे स्थान पर वैसा, बायसी एवं अमौर प्रखंड है जहां सीएससी की आईडी रद की गयी है।

कटिहार जिले में सबसे अधिक बरारी, कोढ़ा में सीएससी की आईडी लॉक की गयी है। किशनगंज जिले में पोठिया एवं बहादुरगंज प्रखंड में सबसे अधिक आईडी लॉक किया गया है।
सीएससी के माध्यम से कई सरकारी योजनाएं होती हैं संचालित

केन्द्र सरकार के निर्देश पर सीएससी केन्द्र कई सरकारी योजनाओं को संचालित करता है। सीएससी केन्द्र के माध्यम से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का रजिस्ट्रेशन, वृद्धा पेशंन योजना के लिए आवेदन, आयुष्यमान भारत योजना का कार्ड, श्रम कार्ड, श्रन पेशन का आवेदन, आधार एनेवल पेंमेट सुविधा सहित कई तरह की सुविधा उपलब्ध रहती है।

सीएससी केन्द्र खोले जाने के पीछे सरकार की मंशा थी कि डिजिटल युग में किसी भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
Pages: [1]
View full version: सीमांचल में 1585 CSC की आईडी रद, अनियमितताओं पर दिल्ली मुख्यालय का सख्त एक्शन

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com