गाजीपुर में फरवरी से राशन कार्डधारकों को अलग अनुपात में मिलेंगे चावल और गेहूं, कहीं भी ले सकेंगे अनाज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/22_08_2025-ration_24021228_133658543-1768740578213.webpफरवरी से राशन कार्डधारकों को अलग अनुपात में मिलेंगे चावल और गेहूं।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनपद के राशन कार्डधारकों को मिलने वाले खाद्यान्न के अनुपात में फरवरी से बड़ा बदलाव लागू होगा। अब पात्र गृहस्थी योजना के लाभार्थियों को प्रति यूनिट चार किलो फोर्टिफाइड चावल और एक किलो गेहूं मिलेगा, जबकि अंत्योदय कार्डधारकों को 25 किलो फोर्टिफाइड चावल और 10 किलो गेहूं का वितरण किया जाएगा। जिले की 1604 उचित दर दुकानों से नए अनुपात में खाद्यान्न वितरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
अब तक पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को प्रति यूनिट तीन किलो फोर्टिफाइड चावल और दो किलो गेहूं दिया जा रहा था, वहीं अंत्योदय कार्डधारकों को 21 किलो फोर्टिफाइड चावल और 14 किलो गेहूं मिलता था।
नए प्रावधान से फोर्टिफाइड चावल की मात्रा बढ़ेगी और गेहूं में कटौती होगी। जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि यह बदलाव केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है और फरवरी माह के वितरण से इसे प्रभावी किया जाएगा।
जनपद में पात्र गृहस्थी के कुल 5,84,677 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें 25,88,471 यूनिट शामिल हैं। वहीं अंत्योदय योजना के तहत 59,537 कार्डधारक हैं, जिनसे जुड़े 2,01,917 यूनिट लाभार्थी हैं।
सभी को एक जनवरी 2024 से आगामी पांच वर्षों तक निश्शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना है, जिसका संपूर्ण व्यय भारत सरकार वहन करेगी। इस कारण लाभार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फरवरी से खाद्यान्न का वितरण नए रेशियो के अनुसार ही किया जाए। उचित दर दुकानों पर सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टेबिलिटी योजना के तहत कार्डधारक जिले या प्रदेश की किसी भी उचित दर दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्रवासी और अस्थायी रूप से बाहर रहने वाले लाभार्थियों को भी सुविधा मिलेगी।
प्रशासन का जोर है कि सभी पात्र परिवारों तक समय से और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न पहुंचे। सुबह आठ से 12 और दोपहर दो से शाम छह बजे तक वितरण अनिवार्य, किसी भी तरह की वसूली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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