निवेश के नाम पर ठगी: कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 4 राज्यों से 8 ठग गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/Arrested-(1)-1768729807995-1768750805627-1768750813915.webpप्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। कंबोडिया से ऑपरेट होने वाले साइबर ठग गिरोह के आठ जालसाजों को दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पिछले 14 दिनों में चार करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपितों में वनपतला सुनील कुमार, साकिनाला शंकर, मनोज यादव, संदीप सिंह उर्फ लंकेश, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल, शेरू और सोमपाल के पास से 10 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। चार अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किए गए आरोपितों के खिलाफ गृह मंत्रालय के पोर्टल (एनसीआरपी) पर 63 शिकायतें मिली हैं।
अकाउंट से जुड़ी 51 एनसीआरपी शिकायतें
फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य जालसाजों की जानकारी जुटा रही है। आरोपितों में से सोमपाल उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला है। एमबीए ग्रेजुएट सोमपाल एक साफ्टवेयर कंपनी चला रहा था। बिजनेस बंद होने के बाद उसने अपने कार्पोरेट अकाउंट को साइबर फ्राड करने वालों को बल्क ट्रांजैक्शन के लिए दे दिया, इन अकाउंट से जुड़ी 51 एनसीआरपी शिकायतें हैं।
दक्षिणी पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सात नवंबर को एक 42 वर्षीय महिला ने अपने साथ ठगी की शिकायत दी। पीड़िता ने बताया कि उन्हें वाट्सएप पर कुछ मैसेज मिले। इसमें जालसाजों की ओर से पीड़िता को स्टाॅक ट्रेडिंग में पैसा निवेश पर दोगुना फायदा पहुंचने का दावा किया गया था।
दावों से प्रभावित होकर उन्होंने जालसाजों से संपर्क किया। उनके बताए बैंक खातों में 15.58 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद आरोपितों ने पीड़िता को ब्लॉक कर दिया और वह अपने ही पैसे निकालने में असमर्थ थीं। पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस को शिकायत दी। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की टीम ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
तेलंगाना से गिरफ्तारी के बाद खुलने लगी कलई
इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में एसआई चेतन राणा, हेड कांस्टेबल मनेंद्र और विजयपाल की टीम ने सर्विलांस, मनी ट्रेल एनालिसिस और डिजिटल फोरेंसिक पर फोकस किया। पुलिस टीम ने साइबर ठगी के गिरोह को कमीशन पर म्यूल बैंक अकाउंट सप्लाई करने वाले सुनील वनपटला की पहचान कर उसे तेलंगाना से गिरफ्तार किया। उसने बताया कि वह नकली फर्म खोल कर करंट अकाउंट का इंतजाम करता है और उन्हें शंकर को कमीशन पर दे देता है। पुलिस ने हैदराबाद से शंकर को गिरफ्तार किया।
हैदराबाद से तार जुड़ गए लखनऊ
शंकर ने पूछताछ में बताया कि वह सभी अकाउंट लखनऊ के मनोज को देता है। पुलिस ने संत कबीर नगर में छापेमारी कर मनोज को गिरफ्तार किया। मनोज ने बताया कि वह देश भर से जमा किए गए अकाउंट संदीप सिंह को देता है जो गिरोह के लिए आपरेशंस मैनेज करता था। पुलिस ने बनारस से संदीप को गिरफ्तार किया। संदीप ने बताया कि वह आदित्य प्रताप सिंह को एक्सेस देता है और आदित्य प्रताप कंबोडिया में बैठा गिरोह के मास्टरमाइंड के संपर्क में रहता है।
म्यूल अकाउंट ऐसे भेजे जाते थे विदेश
पुलिस ने राजस्थान के कोटा में छापा मारकर आदित्य प्रताप को गिरफ्तार किया। आदित्य प्रताप ने बताया कि सभी म्यूल अकाउंट अरेंज करने के बाद टेलीग्राम के जरिए विदेशी हैंडलर्स को सप्लाई किए जाते थे। पुलिस ने उन दो अकाउंट की भी पहचान की, जिसमें ठगी का पैसा सीधे गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों अकाउंट के मालिक सोमपाल को बरेली से और शेरू को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
इंटरनेशनल नंबरों से मैसेज कर डालते था दबाव
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पीड़ितों को कंबोडिया से इंटरनेशनल नंबरों का इस्तेमाल करते हुए वाट्सएप मैसेज भेजे जाते थे। इन मैसेज में ज्यादा रिटर्न का वादा करके नकली स्टाक-ट्रेडिंग वेबसाइटों के जरिए निवेश करने के लिए दबाव डाला जाता था। ठगी विदेश में बैठे आपरेटर करते थे। जबकि भारत में मौजूद गिरोह के सदस्य सिम कार्ड, बैंक अकाउंट के अलावा ठगी का पैसा निकालने और विदेश भेजने में मदद करते थे। इसके एवज में उन्हें मोटा कमीशन मिलता था। आरोपियों में शामिल सोमपाल के खिलाफ अकेले ही एमसीआरपी पोर्टल पर 51 शिकायतें हैं।
साइबर गैंग में कई राज्यों के थे शातिर
[*]वनपतला सुनील कुमार (लक्ष्मी नगर, कीसारा, तेलंगाना)
[*]साकिनाला शंकर, (स्वर्णधमा नगर, तेलंगाना)
[*]मनोज यादव, (हरिहरपुर, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश)
[*]संदीप सिंह उर्फ लंकेश, (देवराई-कनकपुर, बनारस, उत्तर प्रदेश)
[*]आदित्य प्रताप सिंह, (भारत नगर, बूंदी, राजस्थान)
[*]राहुल, (मोतिया खान चौक, नबी करीम, दिल्ली)
[*]शेरू, (मोतिया खान चौक, नबी करीम, दिल्ली)
[*]सोमपाल, (खंडेलवाल नगर, बरेली, उत्तर प्रदेश)
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