लखनऊ में पति की हत्या के आरोप में पत्नी समेत चार बरी, 12 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/family-court-1768756093240.webpविधि संवाददाता, लखनऊ। पति की हत्या की आरोपित पत्नी सतरूपा समेत अन्य आरोपितगण लक्ष्मण साहू उर्फ अब्दुल रहमान, निखिल वाल्मीकि उर्फ पिंकू व अजय कुमार चौहान उर्फ मुक्कू को अपर सत्र न्यायाधीश रोहित सिंह ने सबूतो के अभाव में बरी कर दिया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में बताया कि विवेचक द्वारा आरोप पत्र बिना किसी ठोस तथा विश्वसनीय साक्ष्य एकत्रित किए ही प्रेषित कर दिया गया।
न्यायालय ने मुकदमे के विवेचक देवेंद्र कुमार दुबे द्वारा उनके विधिक कर्तव्य के निष्पादन में पाई गईं गंभीर त्रुटियों की आलोचना करते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन में आदेश की एक प्रति पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश व अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का आदेश दिया है।
साथ ही आवश्यक कार्रवाई कर कृत कार्रवाई के संबंध में दो माह में न्यायालय के समक्ष आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
अभियोजन पक्ष द्वारा बताया गया कि इस मामले में मृतक की पत्नी सतरूपा ने 4 अक्टूबर 2014 को थाना विभूतिखंड में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें बताया कि उसके पति संतोष कुमार साहू तीन अक्टूबर की शाम छह बजे मछली लेने अपनी झोपडी से निकले थे तथा रात भर वापस नहीं आए। अगले दिन पता चला कि उसके पति की किसी ने चाकू मार कर हत्या कर दी है।
उसका शव विराजखंड के तालाब में पड़ा है। विवेचना के दौरान मृतक के पुत्र ने पुलिस को बताया कि उसकी मां के एक अन्य आरोपित लक्ष्मण के साथ नाजायज संबंध है, जिस वजह से उन लोगो ने मिलकर उसके पिता की हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद मृतक की पत्नी सहित कुल चार व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय के समक्ष मृतक के पुत्र राकेश ने अपनी जिरह में स्वीकार किया कि रात्रि आठ बजे के आसपास अभियुक्त लक्ष्मण उसके घर भोजन के लिए आया था तथा अभियुक्त की अपने घर में उपस्थिति के दौरान ही फोन द्वारा राकेश की अपने पिता से बात हुई थी।
अभियोजन द्वारा इस मामले में दस गवाह पेश कराए गए। बचाव पक्ष की ओर से मृतक संतोष की पत्नी व बड़ी बेटी ने न्यायालय को बताया कि राकेश नशेड़ी प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसका कोई पता ठिकाना नहीं रहता। इसके अतिरिक्त पुलिस ने आरोपिता के बाकी पांच बच्चों में से किसी का कोई बयान नहीं लिया था।
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