पुरानी दिल्ली में डरा रहे सड़कों पर लटकते बिजली के तार, अनहोनी को दावत दे रही प्रशासन की लापरवाही
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/18/article/image/DELHI-WIRE-ISSUE-1768756416319.webpचांदनी चौक के निकट नई सड़क में लटकते बिजली के तार। जागरण
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों से लेकर चौड़ी सड़कों तक पर बिजली की तारें जमीन पर आने लग गई है।उससे हर थोक बाजारों और मोहल्लों में दहशत की स्थिति है। कई स्थानों पर ये तारें साढ़े पांच फीट नीचे तक आ गई है, जो सिर को छूती है, जबकि अधिकतर स्थानों पर यह छह से नौ फीट की ऊंचाई पर है।
चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान व सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र में यह समस्या एक सी गंभीर रूप लेती जा रही है। चिंताजनक यह कि थोक बाजारों में टेंपों से सामान आते जाते हैं। लोडिंग अनलोडिंग होती है। जिसमें इन तारों के चलते बडी दुर्घटना की आशंका बराबर बनी रहती है। जैसे-जैसे नई इमारतें बढ़ती जा रही है। उस हिसाब से खंभों पर तारों का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते कई स्थानों पर खंभे भी लटकने लगे हैं।
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इस मामले में अब भाजपा द्वारा ही चिंता प्रकट की जानी लगी है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने यह मामला उठाते हुए खारी बावली के गंधी गली में लटकते हुए तारों का जिक्र किया। एक्स पोस्ट में उन्होंने बताया कि यहां जमीन पर पांच फीट ऊपर तक बिजली की तारें लटक रही है। जिसपर विशाल सिंह नामक यूजर ने चावड़ी बाजार के लोहे वाली गली में इस खतरनाक स्थिति का जिक्र किया।
तारों का जाल हो रहा है खतरनाक
लटकते तारों का ही मामला गंभीर नहीं है बल्कि पुरानी दिल्ली के बाजारों में तारों का जाल भी भय पैदा कर रहा है। स्थिति यह कि तंग गलियों में जब आप सिर उठाकर देखते हैं, तो आसमान कम और काले, उलझे हुए बिजली के तारों का जाल ज्यादा नजर आता है, जिसमें बिजली के तारों के साथ ही केबल, इंटरनेट और सीसीटीवी के तारे उलझी हुई है।
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जिसमें शार्ट सर्किट का डर बना रहता है। अक्सर तारों के आपस में रगड़ने या ओवरलोडिंग के कारण शार्ट सर्किट होता है। इसी तरह यदि किसी इमारत में आग लग जाए, तो ये लटकते तार दमकल की गाड़ियों को अंदर घुसने में अवरोधक बनते हैं।
ऐसा नहीं है कि इसको खत्म करने को लेकर बातें नहीं हुई या कार्ययोजना नहीं बनी। शाहजहांनाबाद पुनर्विकास परियोजना के तहत चांदनी चौक मुख्य मार्ग पर तारों के जाल को भूमिगत कर दिया गया है, लेकिन उसके बाद मामला अटका हुआ है।
सांसद ने की थी बैठक, योजना आगे नहीं बढ़ी
चांदनी चौक का सांसद बनने के बाद प्रवीन खंडेलवाल ने तारों के जाल से मुक्ति को प्राथमिकता पर रखा। इसे लेकर जन बैठकें भी हुई, जिसमें व्यापारी प्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बिजली मामलों के विशेषज्ञ शामिल हए। तय हुआ कि कुछ माह समग्र रिपोर्ट तैयार कर काम शुरू किया जाएगा, लेकिन उसपर भी कुछ नहीं हुआ।
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यहां है खतरनाक स्थिति
[*]हौज काजी से लाल कुंआ
[*]बहादुरगढ़ रोड
[*]सदर बाजार
[*]चांदनी चौक स्थित-सीताराम बाजार
[*]नई सड़क
[*]चावड़ी बाजार
[*]गंधी गली
[*]भगीरथ पैलेस
[*]कूचा महाजनी
[*]फाटक तेलीयान-तुर्कमान गेट
[*]मुख्य मार्ग- मटिया महल
[*]समेत कई अन्य इलाके
बिजली के तारों को भूमिगत करने को लेकर योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद प्रवीन खंडेलवाल के साथ मैं खुद भी इसे प्राथमिकता में रखा है। बदलाव जल्द दिखेगा।
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सुमन गुप्ता, पार्षद, चांदनी चौक
लटकते तारों की समस्या गंभीर है। यह खतरनाक तरीके से काफी नीचे आ गए हैं। इसके लिए सर्वप्रथम बिजली के तारों का बोझ बढ़ाते इंटरनेट व केबल के तारों को हटाना होगा।
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प्रवीण शंकर कपूर, प्रवक्ता, दिल्ली भाजपा
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