भागलपुर में बनेंगे कई नए पुलिस अंचल, जांच में आएगी तेजी, जगह का हो गया है चयन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/police-circles-will-be-created-in-Bhagalpur-1768764352969.webpभागलपुर में पुलिस अंचल बनाने की तैयारी
जागरण संवाददाता, भागलपुर। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और धीमी जांच की समस्या को दूर करने के लिए भागलपुर जिले में सात से आठ नए पुलिस अंचल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नए अंचलों की सूची तैयार की जा रही है। दो दिनों के भीतर प्रस्ताव मुख्यालय भेजे जाने की संभावना है। मार्च तक नए पुलिस अंचलों के अस्तित्व में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार पुलिस ने लंबित मामलों और जांच में हो रही देरी को चुनौती देने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। भागलपुर सहित पूरे राज्य में पुलिस अंचलों की संख्या 357 से बढ़ाकर 552 करने की तैयारी है। इसके लिए ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया है। डीजीपी विनय कुमार ने 195 नए पुलिस अंचल गठित करने पर सहमति दे दी है। वर्तमान में एक इंस्पेक्टर के पास औसतन 100 से 150 केस रहते हैं, जिससे जांच प्रभावित होती है। नए अंचल बनने के बाद यह संख्या घटकर करीब 60 रह जाएगी, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
[*]भागलपुर में बनेंगे सात से आठ नए पुलिस अंचल, जांच में आएगी तेजी
[*]नए पुलिस अंचल की तैयारी कर दो दिनों में प्रस्ताव भेजा जाएगा मुख्यालय
[*]मामलों के निपटारे में आएगी तेजी और जांच प्रक्रिया होगी अधिक प्रभावी
[*]इंस्पेक्टर पर केसों का दवाब होगा कम, पीड़ितों को जल्द मिलेगा न्याय
[*]मार्च तक नए अंचलों के अस्तित्व में आने की जताई जा रही संभावना
पुलिस अंचलों के पुनर्गठन से कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ ही रिपोर्टिंग और सुपरविजन व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके अलावा पुलिस इंस्पेक्टरों के लिए पदोन्नति के नए अवसर भी सृजित होंगे। भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जिले में फिलहाल आठ पुलिस अंचल हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 13 से 15 करने की योजना है। पहले आठ से बढ़ाकर 16 से 17 अंचल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मुख्यालय के निर्देश पर उसमें संशोधन कर दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे दो दिनों में भेज दिया जाएगा।
एसएसपी ने बताया कि वर्तमान में एक पुलिस अंचल में औसतन करीब 900 केस होते हैं, जिन्हें घटाकर 500 से 600 तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टरों पर काम का अत्यधिक दबाव होने के कारण जांच और अनुसंधान में देरी होती है। अंचलों की संख्या बढ़ने से कार्यभार बंटेगा, जिससे मामलों का त्वरित निष्पादन होगा और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
Pages:
[1]