अधिसूचना के बाद खरीदी जमीन पर नया मालिक लैंड पूलिंग का नहीं हकदार, सिर्फ मुआवजा ही मिलेगा, मोहाली Court का फैसला
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/SS5-1768805189243.webpकोर्ट ने कहा कि खरीदार केवल मुआवजे के हकदार होते हैं, न कि वैकल्पिक साइट या प्लाॅट के।
जागरण संवाददाता, मोहाली। अधिसूचना के बाद खरीदी जमीन पर नया मलिक लैंड पूलिंग का हकदार नहीं। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 ने गगनदीप सिंह बनाम अवतार सिंह एवं अन्य मामले में भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर सुनाया है।
यह फैसला भूमि अधिग्रहण मामलों में एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि अधिसूचना के बाद की गई बिक्री कानूनी रूप से शून्य मानी जाती है और खरीदार केवल मुआवजे का हकदार होता है।
यह मामला भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 76 और 77 के तहत दायर संदर्भ याचिका से संबंधित था। गगनदीप सिंह ने दावा किया था कि उसने गांव चाओमाजरा की 1 कनाल भूमि अवतार सिंह से खरीदी थी और उसे गमाडा की लैंड पूलिंग पालिसी के तहत प्लाॅट का अधिकार मिलना चाहिए।
यह भूमि अधिग्रहण अवाॅर्ड नंबर 576 दिनांक 8 जनवरी 2021 के तहत अधिग्रहित की गई थी। हालांकि, यह खरीद 17 अक्टूबर 2019 को जारी अधिग्रहण अधिसूचना के बाद की गई थी। अधिनियम के अनुसार अधिसूचना के बाद की गई बिक्री को वैध स्वामित्व नहीं माना जाता।
अवतार सिंह ने अदालत में कहा कि उसने अपनी हिस्सेदारी गगनदीप को दे दी है और उसे मुआवजा मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, गमाडा और राज्य सरकार ने कहा कि मुआवजा केवल वास्तविक मालिक को दिया जाना चाहिए, जो अधिसूचना के समय भूमि का स्वामी था।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अधिसूचना के बाद भूमि खरीदने वाला व्यक्ति लैंड पूलिंग पाॅलिसी का लाभ नहीं ले सकता। ऐसे खरीदार केवल मुआवजे के हकदार होते हैं, न कि वैकल्पिक साइट या प्लाॅट के।
न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना के समय भूमि के मालिक अवतार सिंह थे, इसलिए लैंड पूलिंग पाॅलिसी का लाभ उन्हें ही मिलेगा। गगनदीप सिंह को केवल मुआवजे का दावा करने का अधिकार होगा।
अदालत ने आदेश दिया कि लेटर ऑफ इंटेंट अवतार सिंह के नाम जारी किया जाए और मुआवजा उसी को दिया जाए। गगनदीप सिंह को भूमि नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
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