करनाल में 15 साल में तीसरी बार दिसंबर-जनवरी में सूखा, बारिश की कमी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/Weather-(2)-1768811559473.webp15 साल में तीसरी बार दिसंबर पूरा व जनवरी आधा रहा सूखा (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, करनाल। इस वर्ष सर्दी के मौसम में करनाल सहित पूरे क्षेत्र को एक बार फिर सूखे का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 15 वर्षों में यह तीसरी बार है जब दिसंबर पूरी तरह सूखा बीता है और जनवरी का आधा समय भी बिना वर्षा के निकल गया है। इससे पहले वर्ष 2011, 2016 और 2024 में भी सर्दियों में सूखे की स्थिति बनी थी।
हालांकि इस बार राहत की बात यह है कि अब तक लंबी और गहरी ठंड ने फसलों को काफी हद तक संभाल कर रखा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में हल्की और नियमित बारिश रबी फसलों के लिए संजीवनी मानी जाती है। गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों को दिसंबर-जनवरी में यदि समय पर वर्षा मिल जाए तो उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद रहती है।
लेकिन इस बार बारिश न होने से किसानों की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं। इसके बावजूद लगातार पड़ रही ठंड और कम तापमान ने मिट्टी में नमी बनाए रखी है, जिससे फिलहाल फसलों पर गंभीर असर नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर जनवरी के बाद बारिश होती है तो फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इस समय गेहूं की फसल टिलरिंग और सरसों फूल आने की अवस्था में होती है, ऐसे में अधिक वर्षा से फसल गिरने, रोग बढ़ने और दाने भराव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी कारण किसान अब सीमित और नियंत्रित सिंचाई पर ही भरोसा कर रहे हैं।
मौसम के रिकार्ड पर नजर डालें तो वर्ष 2017 और 2022 सर्दियों में ताबड़तोड़ वर्षा के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2017 में जनवरी माह में 93.8 एमएम वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 94.4 एमएम तक पहुंच गया था। उन वर्षों में जहां जलस्तर और नमी में सुधार हुआ, वहीं अधिक बारिश से कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी झेलना पड़ा था।
रविवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे से हुई। सुबह के समय दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक कोहरा छंट गया और मौसम साफ हो गया। इसके बावजूद ठंड का असर पूरे दिन बना रहा। अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लगातार गिर रही धुंध और ठंड से जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रेल और सड़क यातायात पर इसका सीधा असर देखने को मिला। कई ट्रेनों को कोहरे के कारण 2 से 6 घंटे तक देरी से चलाया गया, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। सड़कों पर भी वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार अगले एक सप्ताह तक क्षेत्र में ठंड से राहत की उम्मीद कम है। सुबह और रात के समय घना कोहरा और धुंध की संभावना है। दिन में हल्की धूप निकल सकती है, जिससे अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन न्यूनतम तापमान अभी 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
फिलहाल किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, इसलिए वर्षा की संभावना भी बेहद कम जताई जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन करें तथा अत्यधिक नमी या अचानक तापमान परिवर्तन से बचाव के उपाय अपनाएं।
वर्ष
वर्षा (mm में)
2011
2.2
2012
21.6
2013
64.4
2014
62.2
2015
15.0
2016
0.00
2017
93.8
2018
34.2
2019
28.8
2020
74.6
2021
36.5
2022
94.4 (सर्वाधिक)
2023
23.0
2024
0.00
2025
28.5
2026
0.00
Pages:
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