बिहार में फिल्म शूटिंग हुई आसान, वेबसाइट पर मिलेगी सभी ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/film-shooting-1768832507291.webpबिहार में फिल्म शूटिंग हुई आसान, वेबसाइट पर मिलेगी सभी ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी (AI Generated Image)
प्रभात रंजन, पटना। लाइट, कैमरा और एक्शन। अब ये शब्द मुंबई के बाद बिहार में सुनाई दे रही है। बिहार सरकार की ओर से प्रदेश में फिल्म नीति लागू होने के बाद पटना सहित प्रदेश के अलग-अलग स्थान शूटिंग के लिए नए हाट स्पाट बना है। हिंदी के अलावा मैथिली, भोजपुरी, मगही आदि फिल्मों की शूटिंग प्रदेश में हो रही है। प्रदेश में फिल्म शूटिंग को लेकर एक क्लिक पर ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी लोगों को अब मिलेगी।
बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लि. के वेबसाइट biharfilm.web.app पर फिल्म निर्माताओं को शूटिंग को लेकर स्थलों के चयन करने में आसानी होगी। वेबसाइट पर शूटिंग लोकेशन को लेकर पटना सहित राज्य के अलग-अलग ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी मिलेगी।
शूटिंग के लिए कई प्रमुख स्थलों के बारे में जानकारी:
शूटिंग के लिए पटना समेत राज्य के कई प्रमुख स्थलों के बारे में वेबसाइट पर जानकारी मिलेगी। इसमें नालंदा का विश्व शांति स्तूप , कैमूर की पहाड़ियां, रोहतास के तुतला भवानी वाटर फाल, नवादा का ककोलत वाटर फाल , कैमूर का तेलहार कुंड, जहानाबाद जिले के बराबर पहाड़ी आदि है।
वहीं, पटना के शूटिंग स्थलों में बिहार संग्रहालय, पटना संग्रहालय, खुदाबख्श लाइब्रेरी, पटना का तारामंडल, गांधी संग्रहालय, सात शहीद पार्क, पुराना सचिवालय, बिहार विधानसभा, सरदार पटेल भवन, सुल्तान पैलेस, पटना का कुम्हार पार्क, बुद्ध स्मृति पार्क, पटना जू, जेपी गंगा पथ, पटना का दरभंगा हाउस समेत अन्य है।
इसके अलावा प्रकृति से जुड़े स्थानों में मुंगेर का भीमबांध, वाल्मीकि टाइगर रिर्जव, कैमूर की पहाड़ी, नालंदा का घोड़ा कटोरा, पांडु पोखर, नालंदा का वेणु वन, वैशाली का अशोक स्तंभ, रोहतास गढ़ का किला, दरभंगा महाराज का भवन, पूर्वी चंपारण का केसरिया स्तूप, राेहतास में शेरशाह का मकबरा समेत अन्य स्थल शूटिंग के लिए है। वेबसाइट पर शूटिंग संबंधी सारी जानकारी लोगों को मिलेगी।
फिल्म वित्त निगम लि. के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि वेबसाइट पर फिल्म शूटिंग से जुड़ी सारी जानकारी दी गई है। घर बैठे लोग इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वेबसाइट पर ऐतिहासिक स्थलों का वीडियो देकर इसकी महत्ता के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वेबसाइट पर फिल्मों की सूची:
फिल्म नीति लागू होने के बाद वेबसाइट पर प्रदेश में अब तक जिन फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है उसके बारे में जानकारी उपलब्ध है। वेबसाइट पर फिल्म संघतिया, जय मैया थावे वाली, मगध पुत्र, इको आफ अबसेंट, आखिरी लेसन, चंपारण सत्याग्रह, जय पशुपति नाथ, द लॉन्ग जर्नी होम, बिहार का जलवा, सुहागिन के सेनुर, लाइफ लीला, जिनगी बितावनी तोहरे प्यार में, घर का बंटवारा, नारी, रजनी की बारात, ओह माय डाग, तिया, सुगनी, छठ, पेन ब्रश, बिहान, अनमोल घड़ी, वृहस्पति व्रत कथा, बेटी बनल विजेता, बिहारी भौजी, अखंड भेदम, अंबे है मेरी मां, जय मां शारदा भवानी जिंदगी एक प्रेम कथा आदि के बारे में जानकारी दी गई है। प्रदेश में अब तक 32 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसमें तीन फिल्मों के अनुदान के लिए आवेदन आएं हैं।
50 से 75 प्रतिशत शूटिंग पर अनुदान:
बिहार फिल्म पालिसी के तहत किसी भी फिल्म की प्रदेश में 50 से 75 प्रतिशत शूटिंग पूरी होने के बाद अनुदान का प्रावधान है। फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी का लाभ शूटिंग होने के बाद मिलेगी। प्रदेश में फिल्म की शूटिंग को लेकर फिल्म वित्त निगम लि. सहयोग करेगा। इसके लिए निगम को पूरी जानकारी मिलनी जरूरी है। फिल्म निर्माण से जुड़ी सामग्री और सेवाएं प्रदान करने वाले निजी क्षेत्र के लोग भी वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। जिससे उन्हें आसानी से जानकारी मिल पाएगी।
वेबसाइट पर प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को अत्यंत प्रभावी और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। वहीं वेबसाइट पर बिहार बाइस्काेप रजतपट पर बिहार की चमक नाम से पुस्तक भी है। इसमें बिहार के प्रमुख कलाकारों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। फिल्म शूटिंग को लेकर वेबसाइट के जरिए अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।
Pages:
[1]