LHC0088 Publish time 2 hour(s) ago

UP के इस जिले ने मारी बाजी: ग्राम पंचायतों में पहुंचीं 1700 किताबें, अब गांव का बच्चा भी बनेगा IAS-PCS!

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/C-341-1-MBD1021-438286-1768838666452.webp

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



अनिल अवस्थी, जागरण, रामपुर। अब पंचायत की डिजिटल लाइब्रेरी हर आयु वर्ग के पाठकों को आकर्षित करेगी। युवाओं के लिए यहां प्रतियोगी सामग्री मिलेगी। जबकि, बच्चों को प्रेरक कहानियों वाली पुस्तकें लुभाएंगी। बुजुर्गों के लिए आध्यात्मिक पाठ्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक लाइब्रेरी में 12 थीम पर 1700 किताबें उपलब्ध रहेंगी। ये किताबें रामपुर पहुंच भी गई हैं। मार्च तक सभी 277 ग्राम पंचायतें पूरी तरह लाइब्रेरी से सुसज्जित हो जाएंगी।

प्रदेश व केंद्र सरकार के साझा प्रयास से सभी ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में पहले चरण में रामपुर की कुल 277 ग्राम पंचायतें चयनित हुई हैं। इन लाइब्रेरी में कंप्यूटर सिस्टम, वाइफाई की व्यवस्था, फर्नीचर के साथ किताबों की व्यवस्था कराई जा रही है।

इनमें 50 प्रतिशत किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से आने वाली हैं जबकि, शेष किताबें राज कमल प्रकाशन ने उपलब्ध करा दी हैं। इन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों में पहुंचाया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी एनएल गंगवार बताते हैं कि 12 थीम पर आधारित किताबें मंगाई गई हैं। इनमें खेल, बाल वाटिका, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, प्रतियोगी क्षेत्र की पुस्तकें शामिल हैं।

कहा कि रामपुर प्रदेश का पहला जिला है जिसे किताबें मिल भी गई हैं। अब यूपीडेस्को से कंप्यूटर आने वाले हैं। इसके साथ ही फर्नीचर की व्यवस्था कराई जा रही है। मार्च तक इन सभी लाइब्रेरी पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को उनकी रुचि के अनुरूप किताबें पढ़ने को मिलने लगेंगी।
सहायक बनेंगे लाइब्रेरियन

ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवालयों में ही लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायत सहायक संभालेंगे। बतौर लाइब्रेरियन वह इसका रखरखाव सुनिश्चित करेंगे। साथ ही हर किसी को उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे।
प्रत्येक लाइब्रेरी को मिला 3.80 लाख का बजट

प्रत्येक लाइब्रेरी के लिए सरकार ने 3.80 लाख का बजट जारी किया है। इसमें से लगभग आधा बजट यूपीडेस्को व नेशनल बुक ट्रस्ट को जारी किया गया जबकि, शेष बजट स्थानीय स्तर पर पुस्तक प्रकाशन केंद्र व फर्नीचर के लिए दिया गया है।




मार्च तक 277 ग्राम पंचायत सचिवालयों में स्थापित लाइब्रेरी में हर आयुवर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाएगी। प्रत्येक लाइब्रेरी में 12 थीम पर 1700 किताबें उपलब्ध रहेंगी। इससे ग्रामीण अंचल के बच्चे, युवा और बुजुर्ग इसका लाभ उठा सकेंगे।

- गुलाब चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी





यह भी पढ़ें- 750 KM लंबा हाईवे और रामपुर का साथ: जानें किन 22 गांवों की जमीन लेगी सरकार, मुआवजे पर आई बड़ी अपडेट
Pages: [1]
View full version: UP के इस जिले ने मारी बाजी: ग्राम पंचायतों में पहुंचीं 1700 किताबें, अब गांव का बच्चा भी बनेगा IAS-PCS!

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com