UP में होगा 9750 करोड़ का निवेश, WEF में हुआ MOU; AI-डिफेंस सेक्टर में विदेशी कंपनियां करेंगी इनविटेशन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/19/article/image/download-1768839131188.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य में 9750 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता हो गया है। स्विटजरलैंड के दावोस शहर में सोमवार से शुरू हुए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छ ऊर्जा, एआइ और रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की और राज्य में निवेश का प्रस्ताव दिया।
सम्मेलन के पहले दिन सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ आठ हजार करोड़ के कृषि अपशिष्ट से बिजली बनाने का संयंत्र स्थापित करने व सिफी टेक्नालाजीज के साथ 1,600 करोड़ के एआइ-रेडी डाटा सेंटर और नोएडा में एआइ सिटी विकसित करने को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में निवेश के लिए योमन कंपनी के साथ 150 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया गया है।
राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल ले रहा भाग
दोवोस में 19 से 23 जनवरी तक आयोजित हो रहे डब्ल्यूईएफ के सम्मेलन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है। सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने लुई ड्रेफस, उबर टेक्नोलाजीज, आटोमेशन एनीवेयर, काल्ड्रन, पेप्सीको, एचसीएल साफ्टवेयर, वेल्थ डोर, अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड, गूगल क्लाउड, ग्रीनको और डेलायट साउथ एशिया सहित कई प्रमुख वैश्विक और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ गोल मेज बैठकें कर निवेश के प्रस्ताव दिए। प्रतिनिधिमंडल ने कार्बन कंपास के संस्थापक नीरज अग्रवाल के साथ संवाद किया।
उबर ने बैठक में राज्य में निवेश का विस्तार करने की इच्छा जताई है। उबर उत्तर प्रदेश में 13 से ज्यादा जिलों में 1.5 लाख वाहनों का संचालन कर रही है। साथ ही अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में डिजिटल ट्रांसफार्मेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, आटोमेशन और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर भी चर्चा की गई।
पराली से बिजली बनाएगी सेल
सेल इंडस्ट्रीज राज्य में कृषि अपशिष्ट से 500 मेगावाट ऊर्जा बनाने के 20 संयंत्र स्थापित करेगी। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 25 मेगावाट होगी। यह संयंत्र मुख्य रूप से धान उत्पादन वाले 16 चिह्नित जिलों में स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों में पराली व धान के अवशेष का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा।
वहीं, राज्य के डिजिटल ढांचे और एआइ के इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सिफी टेक्नालाजीज नोएडा में एआई-रेडी, नवीकरणीय ऊर्जा आधारित डाटा सेंटर स्थापित करेगी। इस डेटा सेंटर में उन्नत एयर-कूलिंग तकनीक के माध्यम से पानी की खपत को काफी हद तक कम किया जाएगा। इसके लिए कंपनी को पांच एकड़ भूमि दी जाएगी। कंपनी गूगल व मेटा के सहयोग से स्टारलिंक कनेक्टिविटी के एकीकरण पर भी विचार कर रही है।
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