पटना में भूमि विवाद और अवैध कब्जे से परेशान लोग, शिकायतों में खुली प्रशासनिक उदासीनता की पोल
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Patna-News-(58)-1768862399847.webpजागरण संवाददाता, पटना। जब लोगों को शिकायत का अवसर मिला तो परत दर परत भी खुलने लगी कि किस तरह मामलों को लटकाया जाता है। लोग कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं, पर सुनवाई नहीं होती है। मारपीट, खूनखराबे का कारण क्या है, यह भी पता चलने लगा। अधिसंख्य मामले अवैध कब्जे, दबंगई और प्रशासनिक लापरवाही के, जिस पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्यवाही का आदेश दिया।
सरकार ने सात निश्चय-3 के सातवें संकल्प में सबका सम्मान, जीवन आसान नीति के तहत यह सुनिश्चित किया है कि हर सोमवार और शुक्रवार को सभी कार्यालयों में अधिकारी जनता की शिकायतें सुनेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया है कि समस्या का समाधान भी सुनिश्चित हो। इसी के तहत सोमवार से अधिकारी व जनता के बीच संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ। पहले दिन जिलाधिकारी से लेकर अनुमंडल व प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों ने आम जन की शिकायतें सुनीं। इसमें सर्वाधिक मामले अवैध कब्जे, भूमि विवाद, प्रशासनिक उदासीनता के थे।
डीएम डा. त्यागराजन एसएम के साथ अपर जिला दंडाधिकारी सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभूनाथ झा, अपर समाहर्ता कुमार ओमकेश्वर, वरीय अपर समाहर्ता जागृति व वरीय उप समाहर्ता पूजा कुमारी आदि ने लोगों की शिकायतें सुनीं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 58 लोगों की समस्याएं सुनी गईं। उनके सामने ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर मामले में कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
वहीं पुलिस, स्वास्थ्य नगर निगम आदि की शिकायतों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया गया। डीएम ने कहा कि केवल फाइल निपटाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि आम जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। प्राप्त प्रत्येक आवेदन का विधिवत, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतों का शत-प्रतिशत निवारण हो सके।
डीएम कार्यालय में पहले दिन आने वाले लोगों की शिकायतों की रिसीविंग देने के साथ आवश्यक निर्देश दिए गए। हर आवेदन पर मोबाइल नंबर व पता अनिवार्य रूप से लिखने को कहा गया, ताकि बाद में उनसे संवाद किया जा सके। शुक्रवार से जनता दरबार की तर्ज पर आवेदन लेकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जन संवाद कार्यक्रम की रिपोर्ट व शिकायत सुनते हुए फोटोग्राफ मुख्यमंत्री सचिवालय को भी भेजा जाना है। आवेदनों पर क्या कार्यवाही हुई, इसकी रिपोर्ट बनेगी।
डीएम साहब, एडीएम के आदेश पर भी कार्रवाई नहीं
फुलवारीशरीफ आदर्श नगर रोड नंबर तीन निवासी सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि अपनी रैयती भूमि की भू-माफिया द्वारा गलत जमाबंदी और अवैध कब्जा के संबंध में आवेदन दिया था। 21 अप्रैल, 2025 को एडीएम ने अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। इसके बावजूद जमाबंदी के आधार पर मेरे नाम से लगान रसीद निर्गत नहीं की जा रही है। भू-माफिया अधिकारियों की उपस्थिति में मेरी जमीन पर अवैध निर्माण करा रहे हैं।
जोधपुर से पहुंचे न्याय मांगने
राजस्थान के जोधपुर निवासी आशाराम चौधरी ने डीएम को बताया कि 2023 में एक ट्रक को मद्य निषेध के तहत जब्त किया गया था। उस पर उनके रिश्तेदार के ट्रक की नंबर प्लेट लगी थी। नीलामी के बाद उस नंबर को लैप्स कर दूसरा नंबर जारी कर दिया गया। वैशाली से सब कार्य करा व तमाम औपचारिकताएं पूरी कर उस नंबर को असली ट्रक के नाम करने का आदेश जारी हो चुका है, लेकिन डीटीओ पटना के स्तर पर दो वर्ष से मामला लटका है।
पैक्स को बेचा धान, चार वर्ष में भी नहीं मिला पैसा
बिक्रम थाना के सूबा प्रसाद शर्मा ने डीएम को बताया कि 2022 में रानी तालाब थाना के निवासी पवन कुमार ने पैक्स अध्यक्ष रहते हुए उनसे 144 बोरा धान क्रय किया था। 15 फरवरी 2022 को इसकी पावती रसीद दी और शीघ्र ही नकद भुगतान करने की बात कही, पर आज तक नहीं किया। उन्होंने डीएम से निर्धारित दर के अनुसार भुगतान कराने की मांग की।
फार्मर आइडी कैंप में कर्मचारी ने नियुक्त किए दलाल
दनियावां के शाहजहां थाना के एरई गांव निवासी मनोज कुमार सिंह की शिकायत थी कि सरकारी कर्मचारी फार्मर आइडी कैंप में अपने दलाल लेकर पहुंचे थे। वह सरकारी कर्मचारी की तरह कार्य कर रहा था। जब वीडियो बना लिया तो वहां से भागे। जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई की जाए।
कामर्शियल भवन पर कब्जा, बेटे का फोड़ा सिर
एक्जीबिशन रोड स्थित कुमार काम्प्लेक्स के बुजुर्ग डा. कुमार इंद्रदेव ने बताया कि उन्होंने होटल के लिए अपने भवन का हिस्सा दिया था। अब वह खाली नहीं कर रहा है और अवैध रूप से बिजली कनेक्शन भी ले लिया है। शिकायत व विरोध पर बेटे का सिर फोड़ दिया, उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया है। मेरे सभी बेटे बाहर रहते हैं। डीजीपी से एसपी तक गांधी मैदान थाना को निर्देश दे चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रजिस्ट्री रोकने से मुआवजे तक की शिकायत
पालीगंज के रंजेश कुमार ने अवैध रजिस्ट्री रोकने की गुहार लगाई। डीएम ने अपर समाहर्ता को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं यादव पथ लक्ष्मी मार्केट निवासी महेंद्र नाथ बौद्ध उर्फ महेंद्र यादव ने मेट्रो परियोजना में भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि दिलवाने का निवेदन किया। डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को मुआवजा भुगतान के लिए तुरंत कार्यवाही का आदेश दिया।
बुद्धा कालोनी निवासी ममता पांडेय ने आवास योजना के लाभ बारे में तो बख्तियारपुर के शिक्षक ने प्रोलैप्स वट्रिब्रल डिस्क रोग का हवाला दे स्थानांतरण, परसा बाजार के बिरजे पासवान ने संपतचक अंचल कार्यालय से निर्गत अतिक्रमण आदेश के बारे में आवेदन समर्पित दिया। दानापुर के विकास कुमार ने जमाबंदी में छेड़छाड़ व अंचल कार्यालय की उदासीनता, तो एक अन्य ने अपनी जान को खतरा बता अपराधियों पर कार्रवाई की मांग की।
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