द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Minister-(1)-1768871374123.webp6000 हस्ताक्षर वाला ज्ञापन राव इंद्रजीत सिंह को ईमेल के माध्यम से भेजा गया।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की मांग तेज हो गई है। सोमवार को द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन ने छह हजार लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन स्थानीय सांसद व केंद्रीय योजना, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा। जिन लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनसे मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
सभी ने एक सुर से कहा कि तत्काल प्रभाव से द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेट्रो कारिडोर विकसित करने पर जोर देना चाहिए अन्यथा आने वाले समय में वही स्थिति बन जाएगी जो पुराने गुरुग्राम इलाके की बन चुकी है। पुराने गुरुग्राम इलाके में ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ चुका है कि घर से बाहर निकलने से पहले दस बार सोचना पड़ता है।
पिछले कुछ सालों के दौरान द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास गुरुग्राम इलाके में एक नया शहर बस चुका है। लाखों की आबादी बस चुकी है। द्वारका एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए आसपास विकसित सोसायटियों के लोगों की मांग है कि द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेट्रो कारिडोर विकसित करने का काम भी तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। जितनी देरी की जाएगी, उतनी ही समस्या आगे जटिल हो जाएगी।
समस्या गंभीर न हो, इसके लिए द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन ने लगभग छह हजार लोगों से चर्चा की। इसके बाद लोगों की प्रतिक्रियाओं को संकलित कर 192 पृष्ठों की रिपोर्ट तैयार की गई। सोमवार को रिपोर्ट की पूरी जानकारी केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह को भेज दी गई।
द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन के संयोजक सन्नी दौलताबाद का कहना है कि लोगों ने एक सुर में मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग उठाई है। शासन-प्रशासन को अब बिना देरी किए द्वारका एक्सप्रेसवे को पब्लिक ट्रांसपोर्ट मैप पर प्रमुखता से लाना चाहिए। एसोसिएशन के उप-संयोजक सुनील सरीन का कहना है कि जितनी जल्द हो मेट्रो कारिडोर विकसित करने पर जोर देना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता भरत नैन कहते हैं कि ग्रैप-चार के तहत लोगों को बीएस-तीन और बीएस-चार वाहनों को चलाने से रोका जा रहा है, लेकिन द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र में कोई सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है। जब बस या मास ट्रांजिट का विकल्प ही नहीं है, तो निवासी आखिर दफ्तर और जरूरी कामों के लिए यात्रा कैसे करें? तत्काल प्रभाव से मेट्रो कारिडोर विकसित करने पर जोर देना चाहिए।
गुरुग्राम इलाके में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास एक नया शहर बस चुका है। जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर निवासियों की मांग व जरूरत से अवगत करवाया जाएगा। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मेट्रो कारिडोर विकसित करने में काेई परेशानी नहीं होगी। - राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय योजना, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
Pages:
[1]