LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए औद्योगिक गलियारे में देखी गई जमीन, जगी उम्मीद

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/ghazipur-food-1768872744715.webp



जागरण संवाददाता, भांवरकोल (गाजीपुर)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे हैदरिया व उसके आसपास इलाके में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए अधिग्रहित भूमि में उद्योग लगाने के उद्देश्य से कंपनी, यूपीडा व एसडीएम ने स्थलीय निरीक्षण किया।

कंपनी की टीम ने उद्यम स्थापित करने की संभावनाएं तलाशीं। टीम के अधिकारियों ने जल्द फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की उम्मीद जताई है। जमीन बैनामा शुरू होने के दो साल के भीतर यह दूसरी कंपनी है। इससे पहले दुबई की एक कंपनी ने भी जमीन देखी थी लेकिन उसने प्लांट नहीं लगाया।

सोमवार को उप जिलाधिकारी डाक्टर हर्षिता तिवारी एवं यूपीडा के पीडी आजमगढ़ अंबुज कुमार, डेट फूड प्रोसेसिंग कंपनी के प्रतिनिधि कैप्टन अकरम बेग, त्रिलोकी वर्मा, दारा सिंह ने औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहित भूमि को देखा।

उन्होंने आस-पास में होने वाला टमाटर, मटर आदि सब्जी के उत्पादन के बारे में किसानों से जानकारी ली। कंपनी के प्रतिनिधि कैप्टन अकरम बेग ने बताया कि उनकी कंपनी मैन्युफैक्चरिंग के साथ निर्यात भी करती है।

पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से बातचीत के बाद कंपनी यहां उद्यम लगाने के इच्छुक है। बताया कि उनकी कंपनी साउथ कोरिया, जापान, दुबई, जर्मनी, पोलैंड, यूएई को निर्यात करती है। यहां उद्यम स्थापित होने से जनपद के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
गलियारे की जमीन खरीद पर 700 करोड़ खर्च कर चुकी सरकार

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए अब तक करीब सात सौ करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन बैनामा शुरू होने से अब तक के इन दो सालों में एक भी उद्यमी ने औद्योगिक गलियारे की जमीन पर उद्यम लगाने में रूचि नहीं दिखाई।

मुहम्मदाबाद तहसील में चार जनवरी 2024 से जमीन का बैनामा शुरू किया गया था। पहले चरण में तीन गांवों सोनाड़ी, बघौरी व भोपतपुर और दूसरे चरण में दूसरे चरण में चकफातमा, अवथहीं व वाजिदपुर के किसानों की जमीन की रजिस्ट्री अंतिम दौर में है।

अब तक 202.1340 हेक्टेयर जमीन का बैनामा हो चुका है। इस पर यूपीडा ने करीब 691 करोड़ खर्च किया है। इसमें से 570 करोड़ का भुगतान हो चुका है। शेष की डिमांड की गई है। औद्योगिक गलियारे में यूएई की कंपनी एक्वा ब्रिज उद्यम लगाने की संभावना तलाश कर चुकी है। कंपनी मछली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा प्रोजेक्ट लगाना चाहती थी।

यूपीडा के अधिकारियों के संग यूएई की कंपनी एक्वा ब्रिज की उच्चस्तरीय टीम ने औद्योगिक गलियारे के लिए तैयार जमीन को देखा, लेकिन कंपनी ने प्रस्ताव यूपीडा को नहीं दिया।

[*]415.22 हेक्टेयर में विकसित होगा औद्योगिक गलियारा
[*]393.23 हेक्टेयर निजी भूमि
[*]21.989 हेक्टेयर सरकारी भूमि
[*]एक हजार से अधिक किसानों की जमीन अब तक ली गई
[*]202.1340 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित

इन 13 मौजा की जमीन का बैनामा

चकबाला, चकडुमरिया, अवथहीं बसंत, बघौरी टी सोनारी चकभिखू, महेशपुर, चकवाजिदपुर, मच्छटी,सोनाड़ी, चकफातमा, गिरधारिया, भोपतपुर मु. सोनारी, जगदीशपुर टी मच्छटी मौजा के किसानों की जमीन का बैनामा होगा।
Pages: [1]
View full version: फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए औद्योगिक गलियारे में देखी गई जमीन, जगी उम्मीद

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com