IREDA Share: सरकार ने नई स्कीम को दी मंजूरी- शेयर के अलावा कैपिटल गेंस टैक्स बचाने में करेगी मदद
अब IREDA भी जारी करेगी 54EC बॉन्ड: टैक्स बचत का एक और मौका निवेशकों के लिएसरकार ने IREDA (Indian Renewable Energy Development Agency) को 54EC कैपिटल गेन बॉन्ड्स जारी करने की मंजूरी दे दी है. यह खास तरह का निवेश साधन है जिससे आप रियल एस्टेट बेचने पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से बच सकते हैं.
अब IREDA छठी कंपनी बन गई है जो इन टैक्स-सेविंग बॉन्ड्स को जारी कर सकती है. इससे पहले ये सुविधा REC, NHAI, PFC, IRFC और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन को मिल चुकी है.
क्या होते हैं 54EC बॉन्ड?
जब आप किसी अचल संपत्ति (जैसे ज़मीन या मकान) को बेचते हैं और उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है, तो आप इस टैक्स से बच सकते हैं अगर आप उस रकम को 54EC बॉन्ड्स में निवेश करते हैं.
यह छूट इनकम टैक्स एक्ट की धारा 54EC के तहत मिलती है.
2. IREDA को ये सुविधा क्यों दी गई
https://www.deltin51.com/url/picture/slot4570.jpeg
IREDA इस रकम का इस्तेमाल केवल उन्हीं रिन्यूएबल ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में करेगी जो अपने राजस्व से कर्ज चुका सकते हैं, यानी राज्य सरकार की गारंटी या मदद की जरूरत नहीं होगी.
इससे ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को फंडिंग में मदद मिलेगी और निवेशकों को सरकारी बैकिंग वाला सुरक्षित निवेश विकल्प मिलेगा.
किसके लिए है ये स्कीम?
जिन्होंने हाल ही में मकान, जमीन या फ्लैट बेचा है और उन्हें टैक्स बचाना है.जो फिक्स्ड इनकम चाहते हैं और कम जोखिम लेना चाहते हैं.जो चाहते हैं कि उनका पैसा ग्रीन प्रोजेक्ट्स में लगे.
लेकिन...ब्याज दर मार्केट के मुकाबले कम है (5.25%).5 साल से पहले पैसे नहीं निकाल सकते – लिक्विडिटी कम है.ये टैक्स छूट सिर्फ रियल एस्टेट से हुए कैपिटल गेन पर ही मिलती है, शेयर/म्यूचुअल फंड पर नहीं.
IREDA का 54EC बॉन्ड्स लाना सरकार के ग्रीन एनर्जी मिशन को फाइनेंस करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. वहीं निवेशकों को भी टैक्स बचाने का एक और भरोसेमंद विकल्प मिल गया है. अगर आपने प्रॉपर्टी से हाल ही में मुनाफा कमाया है और टैक्स से बचना चाहते हैं, तो IREDA के ये बॉन्ड्स आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं.
Pages:
[1]