ग्वालियर में BJP नेता के बेटे से दिनदहाड़े ‘लूट’ निकली फर्जी, 2 घंटे में खुला राज, दोस्त के साथ रची थी झूठी कहानी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Gwal-fake-loot-accused-215415-1768896226952.webpआरोपी से पूछताछ करती पुलिस।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। हजीरा क्षेत्र में यूको बैंक से महज 200 मीटर दूर 2.50 लाख रुपये की लूट की सूचना ने पुलिस को कुछ समय के लिए उलझा दिया। मामले में फरियादी कोई और नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री दारा सिंह सेंगर का 22 वर्षीय बेटा कृष्णदीप सिंह सेंगर था। लेकिन पुलिस जांच में जल्द ही साफ हो गया कि लूट की यह कहानी पूरी तरह फर्जी थी।
कृष्णदीप ने खुद ही लूट की झूठी पटकथा तैयार की थी। योजना के तहत उसके दोस्त ने बाइक से उसे टक्कर मारी और उसी के इशारे पर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गया। पुलिस ने महज दो घंटे में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। फिलहाल कृष्णदीप और उसका दोस्त ईशान शर्मा पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
बैंक में रुपये जमा करने के बहाने रची साजिश
हजीरा थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में दारा सिंह सेंगर की फैक्ट्री स्थित है। उनके बेटे कृष्णदीप सिंह सेंगर, जो बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र है, को 2.50 लाख रुपये बैंक में जमा करने के लिए भेजा गया था। बैंक के पास एक गली में पहुंचते ही उसने बाइक सवार द्वारा टक्कर मारकर रुपये लूट लेने की कहानी पुलिस को सुनाई।
सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पोल
घटना की सूचना मिलते ही हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में बाइक सवार तो नजर आया, लेकिन घटना से पहले की रिकॉर्डिंग में वही बाइक सवार कृष्णदीप से बातचीत करता दिखा। यहीं से पुलिस को मामला संदिग्ध लगने लगा।
इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की और बाइक सवार के भागने के रूट पर लगे कैमरों की मदद से ईशान शर्मा के घर तक पहुंच गई। आमने-सामने पूछताछ में दोनों ने सच्चाई उगल दी। ईशान ने कबूल किया कि यह सब कृष्णदीप के कहने पर किया गया था। पुलिस ने उसके पास से पूरे 2.50 लाख रुपये भी बरामद कर लिए।
बार-बार बदलता रहा छात्र का बयान
सच सामने आने के बाद कृष्णदीप के बयान भी बदलते रहे। पहले उसने कहा कि वह एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ता है और पिता द्वारा दी गई 70 हजार रुपये की फीस घूमने-फिरने और खरीदारी में खर्च हो गई, इसलिए उसने लूट की झूठी कहानी रची। बाद में उसने कर्ज में डूबने और ब्याज बढ़ने का हवाला देते हुए भी अलग कहानी सुनाई।
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फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
यूको बैंक के पास 2.50 लाख रुपये की लूट की सूचना मिली थी। छात्र ने लूट की शिकायत की थी। राजफाश हो गया है कि यह कहानी फर्जी है। छात्र ने खुद ही अपने दोस्त से खुद को टक्कर पड़वाई। इसके बाद दोस्त रुपये ले गया था। इनसे पूछताछ चल रही है।
- विदिता डागर, एएसपी।
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