Bihar Land Mutation: सीओ अब मनमाने ढंग से नहीं रोक सकेंगे दाखिल-खारिज आवेदन, सचिव ने दिया निर्देश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Bihar-Land-Mutation-1768905874838.webpसीओ अब मनमाने ढंग से नहीं रोक सकेंगे दाखिल-खारिज आवेदन
जागरण संवाददाता, सुपौल। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सीओ स्तर से भू-धारियों के शोषण को गंभीरता से लिया है। अब जमीन के दाखिल-खारिज (Bihar Land Mutation) के आवेदन को सीओ लटका कर नहीं रख सकेंगे। इसको लेकर जारी पत्र में सचिव ने समाहर्ता सुपौल समेत अन्य जिले के समाहर्ता को कहा है कि अंचलाधिकारी स्तर से बिना ठोस माध्यम के स्वत: आपत्ति डाली जाती है तो इसे कदाचार माना जाएगा।
आवेदन के आम खास सूचना निर्गत होने के बाद 14 दिनों के बाद यदि कोई आपत्ति नहीं आती है तो उसे हर हाल में निष्पादित करना होगा। अक्सर देखा जाता है कि नोटिस अवधि में यदि कोई आपत्ति नहीं आती है तो सीओ स्वयं आधारहीन आपत्ति लगाकर उसे सुनवाई में डाल देते हैं।
सचिव ने पत्र में लिखा कि कई मामले में यह पाया गया है कि अंचल स्तर पर असामाजिक तत्वों द्वारा बिना आधार या बिना किसी लोगों के आपत्ति दर्ज कर देते हैं। इसके कारण निर्धारित समय सीमा में निष्पादित होने की जगह जानबूझकर वाद को लंबित रख दिया जाता है।
सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि अगर आम सूचना प्रकाशन के 14 दिनों में कोई आपत्ति आती है तो संबंधित अंचलाधिकारी तत्काल इसका निष्पादन करेंगे। अगर मामला सरकारी खाता खेसरा से संबंधित है तो ही आपत्ति दर्ज की जा सकेगी। अन्य मामलों में बिना ठोस आधार को कदाचार माना जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर यदि कोई व्यक्ति बिना कोई ठोस आधार के आपत्ति डालता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निर्देश में यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो सीओ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग के इस आदेश से भू धारियों में आस जगी है।
जिले में जमीन से संबंधित कोई कार्य करवाना आसान नहीं है। जमीन की दाखिल-खारिज (Bihar Jamin Dakhil Kharij) से लेकर परिमार्जन तक में उपर से लेकर नीचे तक एक रेट फिक्स है। बिना चढ़ावा तो दाखिल-खारिज हो ही नहीं सकता है। इससे आए दिन रैयत काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। भले ही विभाग इस बात से इनकार करता हो, परंतु जमीनी सच्चाई सोलह आने सच है।
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