cy520520 Publish time 2026-1-20 17:26:57

कुमाऊं के सबसे बड़े Ranikhet Cantt समेत देशभर के 56 कैंट बोर्ड में चुनाव फिर टले, ये है वजह

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वैरी बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाया, रक्षा मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना. Concept Photo



जागरण संवाददाता, रानीखेत। कुमाऊं की सबसे बड़ी रानीखेत छावनी के साथ ही देशभर के 56 कैंट बोर्ड में चुनाव फिर टल गए हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर छावनी परिषदों में कामकाज देख रहे वैरी बोर्ड का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। फिलहाल, बोर्ड अध्यक्ष कमांडेंट, मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीइओ) कैंट व नागरिकों की ओर से नामित सदस्य ही छावनी क्षेत्र में नागरिक कार्यों का प्रबंधन देखेंगे। ऐसे में कैंट बोर्ड का चुनाव लड़ उपाध्यक्ष व सभासद बनने का सपना संजोए जनप्रतिनिधियों को झटका लगा है।

देशभर के छावनी परिषदों का कार्यकाल फरवरी 2020 में पूर्ण हो गया था। मगर चुनाव प्रक्रिया स्थगित होने से निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल छह-छह माह के लिए दो बार बढ़ा दिया गया था। 2022 में नागरिक सुविधाओं व कार्यों के प्रबंधन की बागडोर वैरी बोर्ड के जिम्मे कर दी गई थी। तब से वैरी बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा है। इधर अबकी 10 फरवरी को वैरी बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव की पूरी संभावनाएं थीं। संभावित प्रत्याशी तैयारी में भी लगे थे।

मगर रक्षा मंत्रालय की ओर अधिसूचना जारी कर केंद्रीय छावनी एक्ट-2006 की धारा 13, उपधारा (1), खंड (ख) व उपधारा (4) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वैरी बोर्ड का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। कार्यालय अधीक्षक रानीखेत कैंट बोर्ड रमा नेगी के अनुसार अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड कार्यालयों का कार्यकाल 11 फरवरी 2026 से आगामी एक वर्ष या उस समय तक रहेगा जब तक कि बोर्डों का गठन अधिनियम की धारा 12 के अधीन नहीं कर लिया जाता।
क्या है वैरी बोर्ड

चुनाव न होने की दशा में छावनी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रखने वाला कार्यवाहक बोर्ड। इसमें संबंधित सैन्य कमांडेंट बोर्ड अध्यक्ष व सीइओ के साथ ही चुनकर आए सभासदों के बजाय रक्षा मंत्रालय की संस्तुति पर नामित सदस्य नागरिकों का प्रतिनिधित्व करता है।

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