कोचिंग संस्थानों की अब नहीं चलेगी मनमानी; झारखंड कोचिंग नियंत्रण एवं विनियमन विधेयक पर गवर्नर ने लगाई मुहर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/Governor-santosh-gangwar-1768910318250.webpराज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025’ पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा द्वारा पारित ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025’ पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
यह विधेयक राज्य में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, नियंत्रण, विनियमन तथा न्यूनतम मानकों के निर्धारण का प्रावधान करता है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, कोचिंग सेंटरों में नामांकित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
फीस, आधारभूत संरचना और कामकाज में पारदर्शिता लानी होगी
इस विधेयक में राज्य में 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने के लिए लाया गया है, जिसका उद्देश्य फीस, आधारभूत संरचना और कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
इसकेतहत पांच लाख रुपये बैंक गारंटी, अलग रजिस्ट्रेशन, और 1000 से अधिक छात्रों वाले सेंटर में मनोचिकित्सक की नियुक्ति जैसे सख्त नियम हैं, और उल्लंघन पर जुर्माने व ब्लैकलिस्टिंग का प्रविधान है।
कोचिंग संस्थानों में 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों के नामांकन से पहले अभिभावक की अनुमति लेनी होगी। हर सेंटर को निर्धारित शुल्क, कोर्स, ट्यूटर, आधारभूत संरचना आदि की विस्तृत जानकारी रेगुलेटरी कमेटी तथा अपने वेब पोर्टल पर नियमित रूप से देनी होगी।
विधेयक में ये हैं खास बातें
[*]बच्चे एवं अभिभावकों की शिकायत के लिए सेल का गठन करना होगा
[*]विद्यार्थी को बैठने के लिए कम से कम एक वर्ग मीटर की जगह देनी होगी
[*]संस्थान सुबह 6 बजे से अधिकतम रात 9 बजे तक ही संचालित होंगे
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