नेपाल की धूल से घुट रहा भारतीयों का दम, स्वास्थ्य के लिए खतरा; मास्क पहनने को मजबूर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/C-218-1-HLD1016-373944-1768912076174.webpनेपाल की निर्माणाधीन सड़क की धूल, भारतीयों के स्वास्थ्य के लिए खतरा। जागरण
संवाद सूत्र, झूलाघाट। सीमावर्ती क्षेत्र झूलाघाट से सटे नेपाल के बैतड़ी जिले में जुलाघाट से सेरा तक बन रही सड़क अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही है। काली नदी के किनारे तेज़ी से चल रहे सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ की कटिंग से निकलने वाला भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी सीधे नदी में डाली जा रही है।
नेपाल प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य में दो बड़ी लोडर मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन मलबे के निस्तारण के लिए कोई डंपिंग जोन तय नहीं किया गया है। इसका सीधा असर भारत की सीमा में स्थित झूलाघाट क्षेत्र पर पड़ रहा है। लगातार उड़ती धूल से पूरा इलाका प्रभावित है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालात ऐसे हैं कि झूलाघाट के निवासी दिनभर मास्क पहनने को मजबूर हैं।
धूल का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में धूल के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
नगर उद्योग व्यापार मंडल झूलाघाट के महामंत्री प्रमोद कुमार भट्ट ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए नेपाल के बैतड़ी जिले के मुख्य जिला अधिकारी पुण्य विक्रम पौडेल को अवगत कराया है। उन्होंने मांग की है कि सड़क निर्माण के दौरान मलबे के उचित निस्तारण और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
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