शिक्षा विभाग में चौकाने वाला पर्दाफाश, फर्जी प्रतिनियुक्ति दिखाकर किया वेतन भुगतान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/education-1768912973518.webpयह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
संवाद सहयोगी, जागरण, बिरौल (दरभंगा)। प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कमलपुर पूर्व से जुड़ा फर्जी प्रतिनियुक्ति, कर्तव्य से अनुपस्थिति और अवैध वेतन भुगतान का मामला उजागर हुआ है। इस बाबत दर्ज परिवाद की सुनवाई के बाद जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने इस पूरे प्रकरण को प्रमाणिक मानते हुए सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
परिवादी बिरौल प्रखंड के कमलपुर के भुवन मंडल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विद्यालय की अध्यापिका गीतू कुमारी सिन्हा ने इंटरमीडिएट एवं माध्यमिक परीक्षा 2024 के दौरान प्रतिनियुक्ति के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर योगदान नहीं दिया, जबकि फर्जी उपस्थिति दर्शाकर वेतन भुगतान प्राप्त कर लिया गया।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित अध्यापिका ने निर्धारित किसी भी परीक्षा केंद्र पर एक भी दिन योगदान नहीं दिया, न ही अवकाश आवेदन अथवा किसी प्रकार की लिखित सूचना दी। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बिरौल ने उनकी प्रतिनियुक्ति मध्य विद्यालय बलिया (बिरौल) में एक से 12 फरवरी 2024 तक दर्शाई थी।
वहीं ओंकार उच्च विद्यालय सुपौल में 15 से 24 फरवरी 2024 तक ड्यूटी दिखाई गई। हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उक्त अवधि में किसी भी परीक्षा केंद्र पर उनकी प्रतिनियुक्ति से संबंधित कोई आदेश निर्गत नहीं किया।
जांच में यह सामने आया कि विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक द्वारा फर्जी प्रमाण के आधार पर उपस्थिति पंजी में नाम दर्ज कराया गया, जिससे पूरे फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिला। वहीं, ई-शिक्षा कोष पर दर्ज उपस्थिति विवरणी से भी यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित अध्यापिका विद्यालय की समय-सारणी का नियमित पालन नहीं कर रही थीं।
दो शिक्षिका से वेतन की राशि वसूली का निर्देश
इधर, इसी विद्यालय से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, कमलपुर पूर्वी की शिक्षिका इंदु कुमारी के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
जांच में पाया गया कि शिक्षिका ने बिना वैध प्रतिनियुक्ति के विद्यालय से अनुपस्थित रहते हुए एमपीपी (मूल्यांकन) कार्य दर्शाकर अवैध रूप से वेतन की निकासी की।
आदेश के अनुसार, प्रधानाध्यापक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि शिक्षिका इंदु कुमारी ने दो से 10 मार्च 2024 तक स्वयं को एमपीपी कार्य में प्रतिनियुक्त बताते हुए उपस्थिति पंजी में एमपीपी अंकित करवा लिया। उन्होंने यह कहकर प्रधानाध्यापक को आश्वस्त किया कि प्रतिनियुक्ति एवं विरमण पत्र शीघ्र जमा कर देंगी, लेकिन बार-बार मांग के बावजूद आज तक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
आदेश पत्र में यह भी उल्लेख है कि शिक्षिका के विरुद्ध पूर्व में भी इसी प्रकार की कई शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को निर्देश दिया है कि दोनों शिक्षिकाओं द्वारा अवैध रूप से प्राप्त वेतन की तत्काल वसूली सुनिश्चित की जाए तथा नियमानुसार कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापक की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आदेश में सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार के कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आते हैं और भविष्य में ऐसी अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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