QR Code डाउनलोड करते ही अब मिल जाएगी बोगी की सम्पूर्ण जानकारी, यात्रियों को होगी सहुलियत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/12_11_2022-indian_railway_train_23198681-1768918804606.webpक्यूआर कोड डाउनलोड करते ही अब मिल जाएगी बोगी की सम्पूर्ण जानकारी।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। ट्रेन बोगियों में कितने पार्ट्स लगे हैं। उसकी मरम्मत कब की गई। इस संदर्भ में अब प्रति बोगी की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इससे बोगियों की अवधि कब समाप्त होगी इसको लेकर अब पुराने अभिलेखों के पन्ने नहीं पलटने पड़ेंगे क्योंकि विभाग ने इसको लेकर एक क्यूआर कोड जारी कर दी है।
स्टेशन से तीन पैसेंजर व एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाई जाती हैं। जिनमें रायबरेली-ऊंचाहार पैसेंजर, रायबरेली -ऊंचाहार-कानपुर पैसेंजर, रायबरेली-रघुराजसिंह पैसेंजर के साथ ही रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाई जाती है।
इनमें रायबरेली-ऊंचाहार व रायबरेली-रघुराजसिंह पैसेंजर में पांच-पांच बोगियां जबकि रायबरेली-ऊंचाहार-कानपुर पैसेंजर व जौनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में 10-10 बोगियां लगाई गई हैं।
इन बोगियों की जानकारी के लिए प्रति बोगी में एक क्यूआर निश्चित किया गया है। इस क्यूआर कोड में बोगी में कितने पार्ट्स लगे हैं। उन बोगियों की अवधि कितनी होगी। इसकी जानकारी रहेगी।
क्यूआर कोड लगाने का कार्य मंगलवार से कैरिज एवं वैगन की टीम ने जारी कर दी है। कैरिज एवं वैगन विभाग के इंचार्ज एके यादव का कहना है कि आईसीएफ बोगी की अवधि 25 वर्ष होती है। जबकि एलएचबी की 40 वर्ष होती है। इनकी मरम्मत 18 माह में होती है।
जिन्होंने बताया कि अब प्रति बोगियों का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। इसको लेकर प्रति बोगी में क्यूआर लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बताया कि दुर्घटनाओं व अन्य समस्याओं के दौरान आने वाली दिक्कतें दूर सकेंगी।
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