किसानों को बड़ा झटका: पेराई सीजन खत्म होने की कगार पर, पर इस नई चीनी मिल के पहिए अब भी जाम!
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/sugfar-mill-1768925140525.webpचीनी मिल
जागरण संवाददाता, बरेली। बहेड़ी में स्थापित त्रिवटीनाथ चीनी मिल अपने पहले ही पेराई सत्र में लड़खड़ा गई। शुरूआती दौर में ही ब्वायलर में तकनीकी खराबी आ जाने से आवंटित गन्ना दूसरी चीनी मिलों को हस्तांतरित करना पड़ा। चीनी मिल में आई तकनीकी खराबी अभी तक दूर नहीं हो सकी है, अब पेराई शुरू हो पाने की उम्मीद क्षीण होने लगी हैं।
गन्ना किसानों का पिछले वर्ष का बकाया भुगतान कराने के लिए योगी सरकार सख्त रही है। हीलाहवाली करने वाली चीनी मिलों के प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ आरसी भी जारी की गई। नवाबगंज चीनी मिल को गन्ने का आवंटन ही नहीं किया। जिले में नवाबगंज के स्थान पर बहेड़ी में नई त्रिवटीनाथ चीनी मिल चालू होने पर किसान उत्साहित थे।
चीनी मिल प्रबंधन ने 24 नवंबर तक पेराई सत्र शुरू करने की तारीख भी घोषित कर दी थी, लेकिन ब्वायलर में तकनीकी खराबी आ जाने से पेराई सत्र शुरू नहीं हो सका। गन्ना किसानों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए गन्ना सोसायटी ने इस चीनी मिल को आवंटित 40.54 लाख क्विंटल गन्ना दूसरी चीनी मिलों को आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था।
मामला गन्ना आयुक्त तक पहुंचने पर उन्होंने उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को लखनऊ बुलाया था। वहीं पर विचार-विमर्श करने के बाद त्रिवटीनाथ चीनी मिल को आवंटित गन्ना दूसरी चीनी मिलों को आवंटित करने का निर्णय लिया। इनमें से चका चौडे़रा प्रथम व द्वितीय को मीरगंज चीनी मिल, मुड़िया नवी वक्स, पिपरिया कनक, चुरैली, कुण्डरा प्रथम, गुलड़िया अता हुसैन, हैदरगंज प्रथम व द्वितीय का गन्ना चीनी मिल निगोही को आवंटित किया गया है।
करगैना, भूड़ा बहादुर प्रथम, अरसिया बोझ क्रय केंद्रों का गन्ना चीनी मिल पीलीभीत व गरगईया प्रथम व द्वितीय, रम्पुरा मिश्र, प्रथम क्रय केंद्रों का गन्ना चीनी मिल फरीदपुर को आवंटित किया है। आश्वस्त किया गया था कि त्रिवटीनाथ चीनी मिल की तकनीकी खामियां दूर हो जाने के बाद गन्ना दोबारा आवंटित कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक मिल प्रबंधन कमियों को दूर ही नहीं करा सका है।
अभी तक चीनी मिल की ओर से गन्ने की डिमांड नहीं की गई है। इसको देखते हुए सीजन में चीनी मिल के चालू हो पाने की संभावना खत्म होने लगी है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन अभी कमियों को दूर करा रहा है। मिल की ओर से गन्ने की डिमांड आने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह भी पढ़ें- मुहरें असली, डिग्री जाली! बरेली में रसूखदारों ने घर बैठे बना दी \“मेडिकल ऑफिसर\“, एक शिकायत ने खोल दी पूरी पोल
Pages:
[1]