व्यापारी से रिश्वत लेने के दोषी आयकर विभाग के अधिकारी को सात वर्ष की जेल, CBI ने किया था गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/20/article/image/family-court-1768927544886.webpविधि संवाददाता, लखनऊ। व्यापारी से कर निर्धारण के नाम पर दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाए गए आयकर विभाग के अधिकारी निरंजन कुमार को सीबीआइ मामलों के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने सात वर्ष की कैद और 1.70 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया।
अभियोजन पक्ष द्वारा बताया गया कि इस मामले में शिकायतकर्ता जयकेश त्रिपाठी ने 27 मार्च 2015 को शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया कि वो मेसर्स प्रगति कालोनाइजर्स के निदेशक थे।
उन्हें वर्ष 2011-12 के कर निर्धारण की प्रक्रिया के दौरान आयकर अधिकारी निरंजन कुमार बार-बार दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाते रहे। सभी कागजात जमा करने के बावजूद 19 मार्च 2015 को दोषी द्वारा उन्हें बुलाकर दस लाख रुपये की मांग की और चेतावनी दी कि रकम न देने पर भारी जुर्माना लगाकर परेशान किया जाएगा।
इसके बाद सीबीआइ ने 31 मार्च 2015 को निरंजन कुमार को दो लाख रुपये की अग्रिम रिश्वत लेते हुए आयकर भवन से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान आयकर भवन में मौजूद लगभग 70-80 लोगों द्वारा सीबीआइ की ट्रैप टीम पर हमला कर मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया था।
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