भारत की बहुध्रवीय विश्व व्यवस्था की सोच को रूस का समर्थन, चीन के बारे में क्या बोले लावरोव?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/India-Russia-relations-1768933965225.webpरूस ने भारत की बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस ने भारत की बहुध्रवीय विश्व व्यवस्था की सोच का समर्थन करते हुए कहा है कि रूस, भारत और चीन विश्व के ध्रुव हैं, ये विश्व में एकाधिकार वाली व्यवस्था को खत्म करते हुए संतुलन कायम रखे हुए हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, रूस के भारत और चीन के साथ शानदार द्विपक्षीय रिश्ते हैं।
रूस ने भारत की बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन किया
लावरोव ने यह बात 2025 में रूसी कूटनीति के प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में कही है। उन्होंने इस दौरान भारत के साथ रूस की खास तरह की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुखता से जिक्र किया। कहा, इसी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत का दौरा किया था।
विदित हो पुतिन ने दिसंबर में भारत का दो दिवसीय दौरा किया था। इस दौरे में दोनों देशों ने आने वाले पांच वर्षों में अपनी आर्थिक साझेदारी को नए आयाम देने का समझौता किया है।
लावरोव ने भारत-चीन संग रूस के संबंधों पर जोर दिया
लावरोव ने चीन के साथ रूस के संबंधों का स्तर अप्रत्याशित बताया। कहा, ये इतनी गहराई तक हैं जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
भारत और चीन के साथ रूस के ये संबंध विश्व में यूरेशिया के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक हैं। लावरोव ने कहा, हमें रूस-भारत-चीन (आरआइसी) की परिकल्पना को मजबूत बनाने और गति देने की जरूरत है।
यह परिकल्पना 2020 में गलवन घाटी में हुए भारत-चीन के टकराव की वजह से कई वर्षों के लिए नेपथ्य में चली गई थी। इसलिए इस त्रिपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। यह मजबूती ब्रिक्स के रूप में सामने आ रही है।
यह संगठन बहुध्रवीय व्यवस्था वाले विश्व का प्रतिनिधित्व करता है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका संस्थापक सदस्य हैं जबकि बाद में ईरान, मिस्त्र, इथोपिया, यूएई और सऊदी अरब भी इसमें शामिल हुए हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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