Tata steel खरीदेगी त्रिवेणी पेलेट्स की 50.01% हिस्सेदारी, CCI ने दी सौदे को मंजूरी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/tata-steel-1768934741998.webpफाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। भारतीय इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील लिमिटेड अपनी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मंगलवार को टाटा स्टील को त्रिवेणी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड (TPPL) में 50.01 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
रणनीतिक अधिग्रहण और भविष्य की तैयारी इस प्रस्तावित सौदे के तहत, टाटा स्टील \“त्रिवेणी अर्थमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड\“ से टीपीपीएल की बहुलांश इक्विटी शेयर पूंजी हासिल करेगी। इस अधिग्रहण से टाटा स्टील की कच्चे माल, विशेषकर आयरन ओर पेलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह कदम कंपनी की विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने और भविष्य में कच्चे माल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने में सहायक सिद्ध होगा। टाटा स्टील एक सूचीबद्ध दिग्गज कंपनी है जो खनन से लेकर तैयार इस्पात उत्पादों की बिक्री तक के पूरे इकोसिस्टम का संचालन करती है।
क्या है टाटा स्टील की रणनीति कंपनी वर्तमान में कृषि, ऑटोमोटिव, निर्माण और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को उत्पाद प्रदान करती है। अपने संयंत्रों के निर्बाध संचालन के लिए कंपनी को भारी मात्रा में लौह अयस्क और पेलेट्स की आवश्यकता होती है। टीपीपीएल के अधिग्रहण से टाटा स्टील को न केवल गुणवत्तापूर्ण पेलेट्स मिलेंगे, बल्कि उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।त्रिवेणी पेलेट्स (TPPL) भारत में लौह अयस्क पेलेट्स के निर्माण और बिक्री में एक जाना-माना नाम है।
त्रिवेणी पेलेट्स और सहायक कंपनियों की भूमिका इस सौदे की खास बात यह है कि इसमें टीपीपीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स लिमिटेड भी शामिल है। ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स इसी क्षेत्र में सक्रिय है और इसकी तकनीकी क्षमता टाटा स्टील के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। CCI ने प्रारंभिक तौर पर इस सौदे पर अपनी मुहर लगा दी है। आयोग द्वारा इस संबंध में विस्तृत आदेश और शर्तों की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अधिग्रहण के बाद टाटा स्टील की बाजार में पकड़ और मजबूत होगी और कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को अधिक गति के साथ पूरा कर सकेगी।
त्रिवेणी पेलेट्स (TPPL) भारत में लौह अयस्क पेलेट्स के निर्माण और बिक्री में एक जाना-माना नाम है। इस सौदे की खास बात यह है कि इसमें टीपीपीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स लिमिटेड भी शामिल है।
ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स इसी क्षेत्र में सक्रिय है और इसकी तकनीकी क्षमता टाटा स्टील के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी।
Pages:
[1]