फरीदाबाद में बीपीएल कार्डधारकों की आय की दोबारा जांच, हजारों अपात्रों पर गिरेगी गाज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Ration-card-1768956694417.webpबीपीएल कार्डधारकों की आय की एक बार फिर से जांच शुरू होने जा रही है।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले यानी बीपीएल कार्डधारकों की आय की एक बार फिर से जांच शुरू होने जा रही है। यह देखा जाएगा कि बीपीएल कार्डधारकों ने परिवार पहचान पत्र में जो आय दर्ज कराई है, वह उतनी है या इससे अधिक है। जिला प्रशासन की ओर से इस जांच के लिए अलग-अलग तीन-तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
याद रहे इससे पहले बीते साल में भी इन कार्डधारकों की आय की जांच की गई थी। जिसकी वजह से जिले में 6433 लोग बीपीएल श्रेणी से बाहर हो गए थे। अब नए सिरे से जांच होने के बाद हजारों कार्डधारकों के बाहर होने की आशंका है। पता चला है कि काफी कार्डधारकों से फर्जी तरीके से अपनी आय 1.80 लाख से कम दर्शाई हुई है।
इसमें कामन सर्विस सेंटर, डिपो धारक और प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता। बड़े स्तर पर ऐसे कार्ड बन गए हैं जो पात्र नहीं हैं। इन कार्डधारकों के पास कार से लेकर अन्य सभी सुविधाएं हैं, फिर भी श्रेणी के तहत सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और हर महीने राशन ले रहे हैं।
जांच में फर्जी पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। बीते साल जिले में दो लाख 71 हजार 168 बीपीएल कार्डधारक थे। अक्टूबर में जांच के बाद कार्डधारकों की संख्या दो लाख 64 हजार 735 रह गई है। इन सभी के आयुष्मान कार्ड भी बने हैं और डिपो से सरकारी राशन प्राप्त कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रही है भीड़
बीपीएल कार्डधारकों को मिल रही सुविधाओं के लालच में साधन-सम्पन्न लोग भी इस श्रेणी में आने को खूब जोर लगा रहे हैं। यह कार्ड केवल उन लोगों का बन सकता है जिनकी सालाना आय 1.80 लाख से कम है। अब काफी लोगों ने एक परिवार में रहते हुए अलग-अलग कार्ड बनवा लिए हैं ताकि आय कम हो सके। इतना ही नहीं काफी लोगों ने रिश्वत देकर इस श्रेणी का कार्ड बनवा लिया है। असल में जो पात्र हैं, वह धक्के खा रहे हैं।
सोमवार व बृहस्पतिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर में जिला उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त लोगों की समस्याएं सुनते हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें परिवार पहचान पत्र में आय कम कराने को लेकर होती हैं। इतना ही नहीं सेक्टर-12 स्थित परिवार पहचान पत्र केंद्र के बाहर सैकड़ों लोग लाइन में लगे होते हैं।
यह सभी अपनी आय कम कराने के लिए यहां चक्कर लगा रहे हैं। इसलिए सरकार अब जांच करा रही है कि असल में पात्र कौन है। परिवार पहचान पत्र केंद्र के प्रभारी नीरज शर्मा ने बताया कि कार्डधारकों की आय की जांच शुरू होने वाली है।
जो पात्र हैं, उन्हें बीपीएल श्रेणी के तहत दी जाने वाली सुविधाएं जरूर मिलनी चाहिए। लेकिन पता चला है कि काफी अपात्र लोग भी इस श्रेणी में शामिल हो गए हैं। इनकी जांच करा रहे हैं। जिनकी आय 1.80 लाख से अधिक होगी, उन्हें श्रेणी से बाहर किया जाएगा। - राजेश नागर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री
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