आयकर विभाग ने मजदूर को थमाया ₹7 करोड़ का नोटिस, परिवार के साथ न्याय के लिए भटकने को मजबूर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/hardoi-news-1768968913340.webpपरिवार के साथ परेशान खड़ा गोविंद कुमार
संवाद सूत्र, जागरण माधौगंज। मजदूरी और खेती-बाड़ी से परिवार का भरण-पोषण करने वाले गोविंद कुमार के लिए नया साल परेशानी और तनाव लेकर आया है। ग्राम रूदामऊ के इस युवक को आयकर विभाग की ओर से 7, 15, 92, 786 रुपये से अधिक का नोटिस मिला है।
नोटिस में उसके बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की मांग की गई है। परिवार और युवक इस अचानक नोटिस से स्तब्ध हैं और न्याय के लिए भटक रहे हैं।
13 जनवरी को आयकर विभाग की टीम गोविंद कुमार के घर पहुंची और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मांगे। गोविंद ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है और इतनी बड़ी रकम का नोटिस आने का कोई कारण उसे समझ में नहीं आ रहा है। उनके पिता रामचंद्र कश्यप और मां कमला देवी ने बताया कि बड़ा बेटा कस्बा के चौराहा पर ठेली लगाता है, जबकि गोविंद मजदूरी करता है और उनके पास नाम मात्र जमीन है।
गोविंद ने बताया कि करीब छह साल पहले उसने कानपुर में एक गुटखा कंपनी में चार महीने काम किया था। इसी बीच उसके भांजे अजय कुमार ने कुछ लोगों से काम दिलाने के नाम पर संपर्क कराया। एक महिला ने गरीबी रेखा के नीचे लाभ दिलाने का लालच देकर उसे दो लोगों के माध्यम से सीतापुर जनपद के विसवां स्थित एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाने को कहा।
इस दौरान दो-तीन हजार रुपये नकद भी जमा कराए गए, लेकिन बाद में कोई लाभ नहीं मिला। गोविंद का कहना है कि खाता खुलवाने वाले लोग पासबुक और बैंक से जुड़े सभी कागजात अपने पास ले गए। आयकर विभाग की टीम ने बताया कि यह पहला नोटिस नहीं है, इससे पहले भी कई नोटिस भेजी जा चुके हैं।
युवक अब अपने आप को बेगुनाह साबित करने के लिए आयकर विभाग से लेकर बैंक तक लगातार दौड़-धूप कर रहा है। परिवार का कहना है कि मेहनत-मजदूरी करने वाला युवक इतनी बड़ी रकम के नोटिस के कारण मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
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