Buxar Hospital Death: सदर अस्पताल में इलाज बना मौत की वजह? इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, रात से हाईवे जाम
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/maut-1-1768972438221.webpइंजेक्शन के बाद महिला की मौत
जागरण संवाददाता, बक्सर। सदर अस्पताल बक्सर में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। महिला को डायरिया की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था, जहां इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने बक्सर–चौसा–मोहनिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे देर रात से ही यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
परिजनों के अनुसार, महिला की तबीयत अस्पताल आने के समय ज्यादा गंभीर नहीं थी। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने इंजेक्शन दिया, लेकिन इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। कुछ ही समय में महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया, जो देखते ही देखते सड़क जाम में बदल गया।
आक्रोशित लोगों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन या इलाज में भारी लापरवाही के कारण महिला की जान गई है। उनका कहना है कि सदर अस्पताल में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसी नाराजगी के चलते लोग रात करीब दो बजे से सड़क पर उतर आए और हाईवे जाम कर दिया।
सड़क जाम के कारण बक्सर–चौसा–मोहनिया मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एंबुलेंस, बस, ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटकते नजर आए। देर रात और सुबह होने के बावजूद जाम की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी। हालांकि, परिजन और स्थानीय लोग दोषी चिकित्सक व अस्पताल कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
फिलहाल महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है।
गौरतलब है कि सदर अस्पताल बक्सर पहले भी विवादों में रहा है। बीते दिनों प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत और उससे पहले टीकाकरण के बाद एक बच्ची की मौत पर भी अस्पताल परिसर में हंगामा हो चुका है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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