कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन का आरोप, पंजाब में अभी भी कश्मीरी ट्रांस्पोर्टरों-व्यापारियों से की जा रही जबरन वसूली
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Kashmir-trucks-stopped-in-Punjab-1768977344536.webpएसोसिएशन ने पंजाब प्रशासन की चुप्पी पर विरोध प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। कश्मीर मटन डीर्लस एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि जम्मू और कश्मीर सरकार की औपचारिक अपील के लगभग 47 दिन बाद भी, पंजाब के चौकियों पर ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ जबरन वसूली और उत्पीड़न के आरोप अनसुलझे हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, शंभू और माधोपुर चौकियों पर व्यापारियों ने उत्पीड़न की शिकायत की है, जबकि पंजाब प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। एसोसिएशन के अनुसार जम्मू-कश्मीर के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, परिवहन, विज्ञान प्रौद्योगिकी और कृषि मंत्री के कार्यालय से भेजे गए पत्र में पंजाब से जम्मू-कश्मीर में पशुओं की अंतरराज्यीय आवाजाही को प्रभावित करने वाले संकट के समाधान के लिए दोनों राज्यों के बीच सरकारी स्तर की बैठक का अनुरोध किया गया था। लेकिन जमीनी स्पर पर कुछ नही किया जा रहा है।
एसोसिएशन के महासचिव, मेहराज-उद-दीन ने कहा, \“बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, पंजाब की चुप्पी ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के प्रति पूर्ण उपेक्षा दर्शाती है, जिन्हें चौकियों पर जबरन वसूली करने वालों द्वारा लगातार लूटा जा रहा है।
पशुओं से भरे ट्रकों को अभी भी रोका जा रहा
उन्होंने कहा, पंजाब सरकार को औपचारिक पत्र भेजे जाने के बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ है। पशुओं से भरे ट्रकों को रोका जा रहा है, रिश्वत मांगी जा रही है और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्या अंतरराज्यीय सहयोग इसी तरह चलता है?
मेराज ने कहा, अवैध करों और बार-बार उत्पीड़न के कारण घाटी में मटन की कीमतें 750 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी के कई स्थानों पर यही दरें हैं।“अगर यह सिलसिला जारी रहा तो कीमतें और बढ़ेंगी।
एसोसिएशन के अन्य सदस्य जावेज अहमद ने कहा, गत वर्ष 10-13 दिसंबर के बीच चंडीगढ़ में बैठक का प्रस्ताव था, लेकिन कोई मुलाकात तय नहीं हुई, कोई जवाब नहीं मिला और बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहींआई।
...सिर्फ पत्र भेजने से काम नहीं चलेगा
उन्होंने कहा, सिर्फ पत्र भेजने से काम नहीं चलेगा, इसका असर होना चाहिए। सरकार ने पत्र सिर्फ औपचारिकता के तौर पर भेजा। उन्होंने कभी कोई कार्रवाई नहीं की और अब लगता है कि पंजाब भी उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहा है।
कश्मीर के व्यापारियों ने अब पंजाब सरकार को भेजे गए पत्रों को सार्वजनिक कर दिया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि अगर पंजाब इस मुद्दे को नजरअंदाज करता रहा तो वे विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे।
एक अन्य वरिष्ठ व्यापारी मोहम्मद असलम गनई ने कहा, “हम धैर्य रखे हुए थे। लेकिन अब 47 दिन बीत चुके हैं। पंजाब को यह जबरन वसूली बंद करनी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
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