LHC0088 Publish time 2026-1-21 12:56:47

अब शुरुआती स्टेज में ही डायग्नोज हो जाएगा स्तन कैंसर, MRI गाइडेड वैक्यूम-असिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी की शुरुआत

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Breast-cancer-1768981535408.webp

एमआरआई गाइडेड वैक्यूम-असिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी तकनीक की शुआत।



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। स्तन कैंसर की समय पर पहचान को लेकर महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपोलो एथेना ने एमआरआई गाइडेड वैक्यूम-असिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी तकनीक की शुरुआत की है। यह तकनीक विशेष रूप से उन मामलों में कारगर मानी जा रही है, जहां मैमोग्राफी या अल्ट्रासाउंड जैसी सामान्य जांच में कैंसर की पहचान नहीं हो पाती।

अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डाॅ. ज्योति ने बताया कि कई महिलाओं में स्तन ऊतक सघन होने के कारण कैंसर शुरुआती अवस्था में छिपा रह जाता है। ऐसे मामलों में एमआरआई आधारित जांच अधिक संवेदनशील मानी जाती है।

एमआरआई गाइडेड वैक्यूम-असिस्टेड बायोप्सी कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है, जिससे शुरुआती अवस्था, विशेषकर स्टेज-0 या डीसीआईएस (डक्टल कार्सिनोमा इन सिचू) जैसे मामलों की सटीक पहचान संभव होती है।

भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर बन चुका है। दस्तावेज में दिए गए अध्ययन के अनुसार, 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में भी इसके मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। देरी से पहचान होने पर इलाज जटिल और महंगा हो जाता है, जिससे मृत्यु दर भी बढ़ती है।

अपोलो एथेना के विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक न केवल जांच को अधिक सटीक बनाती है, बल्कि अनावश्यक सर्जरी की संभावना भी कम करती है। समय पर पहचान से इलाज के परिणाम बेहतर होते हैं और महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता बनी रहती है। यह पहल भारत में स्तन कैंसर की जांच व्यवस्था को एक नई दिशा देती है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में बुजुर्ग महिला ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर दी जान, घटना से इलाके में फैली दहशत
Pages: [1]
View full version: अब शुरुआती स्टेज में ही डायग्नोज हो जाएगा स्तन कैंसर, MRI गाइडेड वैक्यूम-असिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी की शुरुआत