गणतंत्र दिवस पर स्वदेशी गन से 21 तोपों की सलामी, 52 सेकंड में पूरा होगा देश का सबसे अनुशासित सैन्य अभ्यास
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/republic-day-1768983128164.webp105 मिमी लाइट फील्ड गन से दी जाएगी 21 तोपों की सलामी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर होने वाली 21 तोपों की सलामी एक बार फिर भारतीय सेना की अनुशासन, सटीकता और स्वदेशी ताकत का प्रतीक बनेगी। सेरेमोनियल बैटरी के मेजर पवन सिंह शेखावत ने इसे यूनिट के लिए एक गर्व का क्षण बताया है।
मेजर शेखावत ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर तोपों को पहले ही कर्तव्य पथ पर शिफ्ट कर दिया गया है और इसके लिए कई चरणों में रिहर्सल पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से स्वदेशी हथियार अभियान के तहत विदेशी तोपों की जगह स्वदेशी तोपों को अपनाया गया है।
स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन की खासियत
इस बार 21 तोपों की सलामी के लिए इस्तेमाल की जा रही 105 मिमी लाइट फील्ड गन पूरी तरह स्वदेशी है। इसकी मारक क्षमता 17.2 किलोमीटर तक है और यह एक मिनट में 6 राउंड फायर कर सकती है। खास बात यह है कि यह तोप हेली-पोर्टेबल भी है, यानी जरूरत पड़ने पर इसे हेलिकॉप्टर से भी कहीं भी तैनात किया जा सकता है।
52 सेकंड में पूरा होता है ऐतिहासिक सैन्य समन्वय
मेजर शेखावत ने बताया कि 21 तोपों की सलामी एक समय-संवेदी (टाइम क्रिटिकल) प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की सलामी और राष्ट्रीय गान के साथ पूरी तरह समन्वय में होती है। पूरी प्रक्रिया को सिर्फ 52 सेकंड के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करना होता है, जिसमें एक पल की भी चूक की गुंजाइश नहीं होती।
अनुशासन, परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की झलक
21 तोपों की सलामी न सिर्फ सैन्य परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और भारतीय सेना की उच्च स्तर की तैयारी को भी दर्शाती है। गणतंत्र दिवस पर यह सलामी देशवासियों के लिए गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का सबसे भव्य क्षण बन जाती है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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