दिल्ली से चोरी हुई थार के मामले में भी आरोपी है अंशिका, हिस्ट्रीशीटर समेत छह पर दर्ज हुआ था मुकदमा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Gorakhpur-Anshika-1768991342879.webpजागरण संवाददाता, गोरखपुर। हिरासत में ली गई अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा तीन माह पहले खोराबार थाने में दर्ज थार चोरी और जालसाजी के मुकदमे में भी आरोपित थी। पुलिस की जांच में पता चला कि इस मामले में वह अग्रिम जमानत पर है।
पुलिस की मानें तो अंशिका इंटरनेट मीडिया पर काफी सक्रिय थी। पुलिस को उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से कई आपत्तिजनक और दिखावे वाले वीडियो मिले हैं, जिनमें वह बेखौफ अंदाज में नजर आती है। पुलिस की माने तो उसे बदनामी का कोई डर नहीं, बल्कि चर्चा में रहना ही उसका शौक था।
12 अक्टूबर 2025 को खोराबार थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग में दिल्ली से चोरी की गई थार गाड़ी को पकड़ा था। गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे बड़हलगंज के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दूबे उर्फ विक्की और देवरिया के बरहज बाजार निवासी आकाश वर्मा उर्फ बंटी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इस मामले में हल्का दारोगा चंदन नारायण ने पकड़े गए आरोपितों के अलावा चार अन्य को आरोपित बनाया है, जिसमें अंशिका सिंह का भी नाम है। पूछताछ में सामने आया था कि इस पूरे खेल में अंशिका भी शामिल थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से पहले ही फरार हो गई थी। पुलिस के घेराबंदी करने पर अग्रिम जमानत ले लिया।
पुलिस को यह भी संदेह है कि जिस .32 बोर पिस्टल से गोली चलाई गई, वह भी इसी आपराधिक नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराई गई हो। पिस्टल कहां से आई, किसके माध्यम से दी गई और इसमें कौन-कौन शामिल है। इन सभी बिंदुओं पर अलग से जांच कराई जा रही है।
अंशिका के इंटरनेट मीडिया अकाउंट को भी पुलिस खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि वह इंस्टाग्राम पर सक्रिय थी और रील बनाने का शौक रखती थी। उसके संपर्क में कई दरोगा और इंस्पेक्टर भी हैं जो जांच के दायरे में हैं।
किराए पर गाड़ी लेकर चुरा लिया था
जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपित दिल्ली घूमने गए थे और वहीं से थार गाड़ी किराए पर लेकर भाग आए। पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नंबर प्लेट लगाकर चल रहे थे। पुलिस ने थार से चार नंबर प्लेट बरामद की थीं, जिनमें दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की थीं, जबकि वाहन का मूल पंजीकरण बंगाल का पाया गया था।
कई पुलिसवालों को भी धमका चुकी है अंशिका
फायरिंग की घटना के बाद जब अंशिका पुलिस की गिरफ्त में आई है, तो उसके पुराने कारनामे भी एक-एक कर सामने आने लगे हैं। जांच में सामने आया कि अंशिका की दोस्ती कई पुलिसकर्मियों से थी। बाद में मनमुटाव होने के बाद उसने उन्हें धमकाया भी था। माफी मांगकर उन्होंने पीछा छुड़ाया था।
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