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हादसा नहीं हत्या! सहयोगी ने ही जिंदा जला दी ब्रांच मैनेजर, LIC ऑफिस में लगी आग पर हुआ बड़ा खुलासा

मदुरई में लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) के दफ्तर में लगी आग को पहले एक दुखद हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब यह एक सुनियोजित हत्या का चौंकाने वाला मामला बनकर सामने आया है। सीनियर ब्रांच मैनेजर 54 साल के ए कल्याणी नम्बी की उनके ऑफिस के केबिन में जलकर मौत हो जाने के एक महीने बाद, जांचकर्ताओं ने उनके सहयोगी, असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर 46 साल के डी राम को गिरफ्तार किया है। राम पर कल्याणी नम्बी को आग लगाकर मारने और आपत्तिजनक फाइलों को नष्ट करने का आरोप है।



यह घटना 17 दिसंबर की रात को शहर के एक बिजी कमर्शियल एरिया वेस्ट वेली स्ट्रीट में LIC बिल्डिंग में हुई। आग में झुलसने वाले राम ने शुरू में पुलिस को बताया था कि एक अज्ञात नकाबपोश आदमी ऑफिस में कल्याणी के गहने लूटने के लिए घुसा और फिर उसने परिसर में आग लगा दी। पुलिस का कहना है कि बाद में उसका यह बयान झूठा साबित हुआ।



पेट्रोल भरी बोतलें मिलीं




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जांचकर्ताओं के अनुसार, राम के पूछताछ के दौरान दिए गए बयान विरोधाभासी थे। पुलिस को उसके केबिन से पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की पानी की बोतलें और उसकी मोटरसाइकिल से तेल निकालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक नली मिली, जिसके बाद मामले में अहम सुराग मिला।



कल्याणी के परिवार से एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। उसके बेटे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने अपनी मौत से कुछ देर पहले उसे फोन किया था और पुलिस को सूचित करने के लिए कहा था, जिससे पता चलता है कि उसे किसी बड़े खतरे का आभास हो गया था। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मामले की दोबारा हत्या के एंगल से जांच शुरू की।



हत्या का मकसद



पुलिस का कहना है कि हत्या का मकसद ऑफिस का कोई विवाद था। कई बीमा एजेंटों ने कल्याणी से शिकायत की थी कि राम ने लंबे समय से 40 से ज्यादा डेथ क्लेम की फाइलें लटका कर रखी हुईं हैं।



जब कल्याणी ने राम से इस बारे में पूछा और उसे चेतावनी दी कि वह मामले को वरिष्ठ अधिकारियों तक ले जाएगी, तो राम ने उसकी हत्या करने और सभी दस्तावेजों को नष्ट करने का फैसला किया।



पहले काटी बिजली, फिर दिया वारदात को अंजाम



पुलिस ने बताया कि हत्या की सुनियोजित साजिश रची गई थी। रात करीब 8:30 बजे, राम ने कथित तौर पर इमारत की मेन बिजली सप्लाई काट दी और तमिलनाडु विद्युत बोर्ड को एक ईमेल भेजकर खराबी की सूचना दी।



इसके बाद उसने कांच के मेन एंट्री गेट को जंजीर से बांध दिया, जिससे लॉबी में आने जाने का रास्ता बंद हो गया। जब बत्तियां बुझ गईं, तो कल्याणी ने देखा कि कोई दरवाजा बंद करने की कोशिश कर रहा है।



पुलिस का कहना है कि उसने मदद के लिए चिल्लाया। कुछ ही पलों बाद, राम उसके केबिन में घुस गया, उस पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। आग की लपटों ने कमरे को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसे भी भागने का कोई मौका नहीं मिला। जांचकर्ताओं का कहना है कि राम ने घटना को अचानक हुए हादसे जैसा दिखाने के लिए अपने केबिन में भी आग लगा दी, जिससे वह खुद भी जल गया।



कबूलनामा और आरोप



लगातार पूछताछ के बाद, पुलिस का कहना है कि राम ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है। उसे सोमवार देर रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया और इलाज के लिए सरकारी राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहले इसे आकस्मिक आग का मामला माना गया था, लेकिन अब इसमें हत्या, सबूत नष्ट करना, अपराध की सूचना न देना और भारतीय न्याय संहिता के तहत झूठी सूचना देने के आरोप शामिल किए गए हैं, साथ ही तमिलनाडु सार्वजनिक संपत्ति (विनाश और हानि की रोकथाम) अधिनियम के प्रावधान भी लागू किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, जिसमें नष्ट हुई फाइलों की छानबीन और लंबित बीमा दावों में राम की भूमिका की जांच शामिल है।
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