गंडक नदी क्षेत्र में विदेशी जल पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी, 42 प्रजातियों के 12887 पक्षी मिले
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Gandak-River-1768994232384.webpसंवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर। चितवन राष्ट्रीय निकुंज द्वारा ठंड के मौसम में उत्तरी गोलार्ध के देशों से आने वाले विदेशी मेहमान जल पक्षियों की वार्षिक गणना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नवलपरासी जिला स्थित गंडक (नारायणी) नदी क्षेत्र में इस वर्ष 42 प्रजातियों के विदेशी जल पक्षी पाए गए हैं। ये पक्षी मुख्य रूप से साइबेरिया, उज्बेकिस्तान, चीन सहित अन्य ठंडे देशों से प्रवास कर यहां पहुंचे हैं।
चितवन राष्ट्रीय निकुंज के पश्चिम सेक्टर के पक्षी गणना संयोजक डी. वी. चौधरी ने बताया कि गंडक नदी एवं आसपास के क्षेत्रों में की गई गणना के दौरान इस वर्ष 42 प्रजातियों के जल पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की गणना में 41 प्रजातियों के विदेशी पक्षी पाए गए थे। इस प्रकार न केवल प्रजातियों की संख्या में वृद्धि हुई है, बल्कि कुल पक्षियों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
व्यवस्थित तरीके से की गई पक्षी गणना
गंडक नदी एवं आसपास के जलाशयों में पक्षी गणना के लिए पांच समूहों की टोली बनाई गई थी। इन समूहों ने सिंधरौली से अमलतारी, सिंधरौली से पिथौली, पिथौली से अमलतारी तथा अमलतारी से त्रिवेणी स्थित गंडक बराज तक अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे किया।
अनुभवी पक्षी विशेषज्ञों की टीम द्वारा दूरबीन और मानक गणना पद्धति के माध्यम से जल पक्षियों की गिनती की गई। पक्षी विशेषज्ञ समूह द्वारा उपलब्ध कराए गए
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष गंडक नदी क्षेत्र में कुल 12,887 विदेशी मेहमान पक्षियों की गणना की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी क्षेत्र में 9,458 विदेशी पक्षी पाए गए थे। इस प्रकार इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 3,339 अधिक पक्षी दर्ज किए गए हैं।
स्वच्छ वातावरण बना पक्षियों की पहली पसंद
विदेशी मेहमान पक्षियों की बढ़ती संख्या से पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों में काफी उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि चितवन राष्ट्रीय निकुंज द्वारा गंडक नदी और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, नदी की नियमित सफाई तथा जलीय जीवों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
स्वच्छ जल, सुरक्षित पर्यावरण और शांत वातावरण के कारण गंडक नदी क्षेत्र विदेशी पक्षियों के लिए अनुकूल आशियाना बनता जा रहा है। यही वजह है कि हर वर्ष यहां प्रवासी पक्षियों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।
Pages:
[1]