जामा मस्जिद हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा, एक छोटे से एक कमरे से अपराध की दुनिया की रखी नींव
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/C-343-1-BRY1196-467154-1768995741506-1768995761501.webpसंवाद सहयोगी, संभल। अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर और जामा मस्जिद हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा कभी जिस छोटे से कमरे में रहता था, वहीं से उसने अपराध की दुनिया की नींव रखी। दीपा सराय के अंजुमन तिराहे से आगे पजाया मुहल्ले में स्थित 210 गज का यह मकान उसके पिता मोहम्मद शायक के नाम है। बचपन से ही शारिक साठा इसी घर में पला-बढ़ा। शुरुआत में यह मकान कच्चा था, जिसे बाद में चारों भाइयों ने मिलकर पक्का कराया और दो मंजिल तक खड़ा किया।
चार भाइयों में शारिक साठा सबसे बड़ा था। उसके बाद फाईक, मौलाना सादिक और सबसे छोटा भाई आजम है। चार वर्ष पहले तीसरे नंबर के भाई मौलाना सादिक की मुरादाबाद में ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है।
जिस मकान का हिस्सा हाल ही में पुलिस ने कुर्क किया है, उसी में वर्तमान में फाईक अपनी पत्नी जिकरा और तीन बच्चों के साथ रहते हैं, जबकि मृतक मौलाना सादिक की पत्नी फिरदौस अंजुम भी अपने तीन बच्चों के साथ इसी मकान में रहती रही हैं। करीब नौ वर्ष पहले तक शारिक साठा इसी मकान में रहता था। वह आठ फीट लंबे और आठ फीट चौड़े छोटे से कमरे में रहकर ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था।
सीमित संसाधनों और तंग जगह के बावजूद उसने अपराध का ऐसा जाल बुना, जो आगे चलकर बड़े आपराधिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी तक जा पहुंचा। यही एक छोटा कमरा उसके अपराध की दुनिया का शुरुआती अड्डा रहा।
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