मोहाली में जिम की बिल्डिंग गिरने का मामला, दो लोगों की गई थी जान, हाईकोर्ट ने ट्रायल पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/650-1768999258435.webpप्रथम दृष्टया दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 12 मई तय कर दी है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली में एक जिम की बिल्डिंग गिरने की घटना से जुड़े आपराधिक मामले में अहम अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की आगे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है। पंजाब सरकार से जवाब तलब भी किया गया है।यह आदेश जस्टिस संजय वशिष्ठ ने पारित किया। बता दें कि बिल्डिंग गिरने से दो लोगों की मौत भी हो गई थी।
याचिकाकर्ता परविंदर सिंह ने सोहाना थाने में दर्ज एफआईआर तथा उसके आधार पर दाखिल चार्जशीट पर आरोप तय करने के आदेश को रद करने की मांग की थी। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत दर्ज की गई थी।
आरोप था कि पास के प्लाॅट में बेसमेंट की खोदाई के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई, जिसके कारण भवन को नुकसान पहुंचा। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी कि पूरा मामला केवल इस आरोप पर आधारित है कि खोदाई करते समय ड्यू केयर और काशन नहीं बरती गई, जबकि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर अपनी ही इमारत को गिराने जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस इमारत को नुकसान हुआ, उसमें परविंदर सिंह का जिम चलता था और वही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन था। इस घटना में उन्हें लगभग 60 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है।
सीवरेज की पाइपों में थी लीकेज, निगम ने नहीं उठाया प्रभावी कदम
याचिकाकर्ता ने यह भी कोर्ट के समक्ष रखा कि उन्होंने नगर निगम को पहले ही सीवरेज पाइपों की मरम्मत और लीकेज को लेकर कई शिकायतें दी थीं, लेकिन नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसके बावजूद आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें और अन्य सह-आरोपियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जबकि इस मामले में कोई आपराधिक मंशा या अपराध बनता ही नहीं।
प्रथम दृष्टया दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 12 मई तय कर दी है और साथ ही यह स्पष्ट आदेश दिया है कि तब तक ट्रायल कोर्ट में इस एफआईआर से संबंधित सभी आगे की कार्यवाहियां स्थगित रहेंगी।
Pages:
[1]