सरस्वती पूजा की तैयारी : जमशेदपुर में बंगाल के कारीगरों ने गढ़ी 31 फीट ऊंची झारखंड की सबसे बड़ी प्रतिमा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/saraswati-ma-1769005622718.webpबारीडीह में सरस्वती पूजा के लिए बनाया गया भव्य पंडाल।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में विद्यादायिनी मां सरस्वती की आराधना की तैयारियां पूरे उल्लास के साथ पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र बारीडीह स्थित विद्यापतिनगर (ट्रांसपोर्ट कुआं मैदान) है, जहां 31 फीट ऊंची मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह झारखंड की सबसे बड़ी सरस्वती प्रतिमा है। राधा कृष्ण ब्वायज क्लब द्वारा आयोजित इस पूजा में बंगाल के कारीगर पिछले दो महीनों से प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लगभग 2 लाख रुपये की लागत से बनी इस मूर्ति का विधिवत उद्घाटन 22 जनवरी की शाम को होगा। 26 जनवरी को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। 27 जनवरी को \“जादूगर संध्या\“ का विशेष आयोजन खास आकर्षण होगा। 28 जनवरी को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। समिति के मुख्य संरक्षक प्रह्लाद लोहरा और अध्यक्ष अभिलाष गौड़ ने बताया कि सभी के सामूहिक सहयोग से यह भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में महासचिव सुशील श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष कन्हैया चौबे सहित पूरी टीम सक्रिय है। दूसरी ओर, सर्किट हाउस स्थित राज क्लब पूजा कमेटी ने भी अपना पंडाल तैयार कर लिया है। यहां वर्ष 1980 से निरंतर पूजा आयोजित की जा रही है। कमेटी के अध्यक्ष बलराम तांती और सचिव कैलाश क्षत्रिय ने बताया कि यहां की विद्युत सज्जा और पंडाल हमेशा से शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं। गुरुवार को उद्घाटन के बाद यहां तीन दिनों तक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद चौथे दिन विसर्जन किया जाएगा। जमशेदपुर के इन दोनों प्रमुख पंडालों में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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